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इलाज चाहिए, पीपीपी नहीं

Thu, 21 May 2015 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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सरकार द्वारा जिला अस्पताल अल्मोड़ा को पीपीपी मोड में देने के प्रयास के विरोध में विभिन्न संगठन लामबंद हो रहे हैं। इसके खिलाफ उत्तराखंड लोक वाहिनी के शिष्टमंडल ने आज डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा और जिला अस्पताल को सरकार द्वारा ही संचालित करने की मांग की।
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ज्ञापन में कहा गया है कि निजी क्षेत्र में महंगी स्वास्थ्य सेवाओं से आम जनता पहले से ही काफी त्रस्त है। अब सरकारी जिला अस्पताल अल्मोड़ा को निजी हाथों में देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य सुविधा आम और गरीब जनता की पहुंच से बाहर हो जाएंगी।

उत्तराखंड सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड में देने से जनता में गुस्सा है। पूर्व में जिन अस्पतालों को सरकार ने पीपीपी मोड में दिया है वहां स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने के बजाए यह अस्पताल मात्र रेफरल सेंटर बन गए हैं। यदि जनभावनाओं के खिलाफ अस्पताल को पीपीपी मोड में दिया गया तो जनता को साथ लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। शिष्टमडंल में उलोवा के केंद्रीय अध्यक्ष डा. शमशेर सिंह बिष्ट, महासचिव पूरन चंद्र तिवारी, दयाकृष्ण कांडपाल, छावनी परिषद उपाध्यक्ष जंग बहादुर थापा, नवीन पाठक, सुशीला धपोला, हरीश मेहता, मो. अनीशउद्दीन, विशन दत्त जोशी, शमशेर जंग गुरुंग, रेवती बिष्ट, जगत सिंह रौतेला, अमीनुर्रहान, मोहन सिंह बगडवाल, इंद्र सिंह डसीला, जीवन सिंह मेहता, मदन लाल साह, भुवन चंद्र तिवारी, ललित मोहन साह, डा. गोकुल सिंह रावत, पुष्पा भंडारी, एनएल साह आदि शामिल थे।
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