अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और वीआईपी ड्यूटियों के चलते शनिवार को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गईं। अस्पताल के एक डॉक्टर के दूसरे चिकित्सालय में ड्यूटी पर जाने और दो डॉक्टरों के अवकाश पर रहने से दूर-दराज से आए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई मरीजों को उपचार के लिए पांच किलोमीटर दूर बेस अस्पताल के चक्कर काटने पड़े।
मौसम में आए बदलाव के चलते इन दिनों बुखार, खांसी और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे में डॉक्टरों के नहीं होने से मरीजों की मुसीबत और बढ़ा दी। शनिवार को अस्पताल की कुल ओपीडी 629 रही।
शनिवार को शहर के साथ ही ताकुला, हवालबाग, धौलादेवी और लमगड़ा समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों को इन विभागों में डॉक्टर न मिलने से भटकना पड़ा। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नमन लोहनी की बेस अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई थी जिससे त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीज परेशान रहे।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष पंत और सर्जन डॉ. अमित सुकोटी अवकाश पर थे। दूसरे सर्जन डॉ. धीरज राज ने और मरीज देखे।
महिला चिकित्सालय में एकमात्र डॉ. पल्लवी ही मरीजों को देख रही थीं।
मरीजों का दर्द.. बिना इलाज के लौटना पड़ा
- मेरी त्वचा में जगह-जगह फोड़े हो गए हैं। बेहद परेशानी में जब अस्पताल पहुंची तो पता चला कि डॉक्टर साहब आज यहां नहीं, बल्कि दूसरी जगह ड्यूटी पर हैं। अब मुझे दोबारा चक्कर काटना पड़ेगा। - भावना नेगी, निवासी अल्मोड़ा
- अपने बीमार बच्चे को दिखाने जिला अस्पताल आया था लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ नहीं मिले। इसके बाद महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के पास जाना पड़ा, जहां भारी भीड़ के कारण घंटों कतार में खड़े रहना पड़ा। - दीपक, निवासी अल्मोड़ा
कोट
- चर्म रोग विशेषज्ञ की शनिवार को बेस अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई थी। वह सोमवार से जिला अस्पताल में नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगे और मरीजों को उपचार देंगे। - डॉ. एचसी गड़कोटी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल