अल्मोड़ा। बुधवार को एकादशी पर रंग की शुरुआत हो रही है। ग्रामीण, शहरी क्षेत्र के लोग रंग, अबीर गुलाल के अलावा होली के कपड़ों की खरीदारी में जुट गए हैं। रंग पड़ने के साथ ही नगर, ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी होली गायन शुरू हो जाएगा। मंगलवार को भी नगर के बाजार में काफी भीड़ रही। ग्रामीण, नगर क्षेत्र के लोग बाजार से अपने और परिवार के सदस्यों के लिए होली के कपड़े, रंगों की खरीदारी करने में लगे रहे। लाला बाजार, चौक बाजार में दोपहर बाद तक लोगों की भीड़ खरीदारी में जुटी रही। लोग गुजिया, मिठाई आदि खरीदने में लगे रहे।
अल्मोड़ा। वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. जेसी दुर्गापाल ने होली में रंगों का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि बाजार में बिकने वाले अधिकांश रंगों में हानिकारक रसायन पाए जाते हैं। सिलिका, लेड और आर्सेनिक से बने अबीर-गुलाल त्वचा, आंखों में घाव और आंखों की रोशनी कम कर सकती है। इसके अलावा अबीर गुलाल उड़ने से दमा और सांस के रोग भी हो सकते हैं। उन्होंने बचाव के तरीके बताते हुए कहा कि बिना अनुमति के किसी पर भी कैमिकल युक्त रंग न लगाएं। इसके बजाए फूलों के बने हर्बल रंग का प्रयोग अच्छा होता है।
अल्मोड़ा। इंडियन ह्यूमन राइट्स वॉच ने बाहरी शहरों से आ रहे मजदूर, श्रमिकों द्वारा बाजार में सुबह के समय भीड़ के रूप में एकत्र होने पर नाराजगी व्यक्त की है। संगठन की यहां हुई एक बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सुबह के समय बाजार मार्ग से स्कूली बच्चे, महिलाएं, छात्राएं आदि गुजरते हैं। इस कारण बच्चों, महिलाओं को गुजरने में दिक्कतें आ रही हैं। वक्ताओं ने जिला प्रशासन से मजदूर, श्रमिकों के लिए अन्यत्र जगह चयनित करने की मांग की है।
वक्ताओं ने बाजार में फैल रहे अतिक्रमण पर भी चिंता जताते हुए प्रशासन से सख्ती से बाजार में हो रहे अतिक्रमण को रोकने की मांग की है। वक्ताओं का कहना है कि अतिक्रमण के कारण बाजार में लोगों को चलने के लिए काफी कम जगह मिल पाती है। उन्होंने बाजार क्षेत्र में दोपहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। बैठक में कैप्टन जेके पंत, ललित प्रकाश भट्ट, हरीश राम, पूरन सिंह, हरीश नेगी, मोहन पांडे, विशन सिंह, मनोहर सिंह, रजनीश आदि थे।