अल्मोड़ा। राजकीय बाल किशोरी गृह बख में चल रहे 15 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हो गया। समापन सत्र में किशोरियों द्वारा तैयार की गई मोमबत्ती, जूट के बैगों की प्रदर्शनी लगाई गई। समापन में अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी बांटे गए। जिला उद्योग केंद्र द्वारा किशोरी गृह बख की बालिकाओं के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था।
निधि संस्था पिथौरागढ़ के निदेशक सुनील पांडे के निर्देशन में दीपा जोशी द्वारा किशोरियों को जूट के बैग, मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में उद्योग विभाग की महाप्रबंधक कविता भगत, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता प्रशांत जोशी द्वारा किशोरियों को प्रमाण पत्र बांटे गए। वक्ताओं ने किशोरियों द्वारा किए गए प्रयासों की भरपूर सराहना की। इस दौरान किशोरी गृह की अधीक्षिका माया पांडे, बाल कल्याण समिति के सदस्य नीलिमा भट्ट, अर्चना कोठारी, भगवंत बिष्ट, निधि संस्था के संयोजक विनोद पांडे, भावना बिष्ट, प्रीति बिष्ट, मंजू जोशी, भावना जोशी, रश्मि टम्टा आदि थे।
अल्मोड़ा। बाल शिशु सदन, बालिका किशोरी गृह में रह रहे बच्चे पढ़ाई के साथ साथ अब अतिरिक्त समय में योग, संगीत भी सीखते हैं। बच्चों की प्रतिभा को निखारने, उनमें अन्य विषयों में भी रुचि पैदा करने के लिए दो माह पहले समेकित बाल योजना के तहत शिशु सदन, किशोरी गृह में एक योग, एक संगीत अध्यापक रखा गया था। इसके बाद से प्रतिदिन सुबह इन 50 बच्चों को सुबह योग तो शाम के समय संगीत का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।
विश्वनाथ रोड में स्थित बाल शिशु सदन में वर्तमान शून्य से दस साल तक के 19 बच्चे रहते हैं। इनमें सात लड़के, 12 लड़कियां शामिल हैं। इनमें से भी 15 बच्चे स्कूल जाते हैं। शिशु सदन की अधीक्षिका मंजू उपाध्याय ने बताया कि बच्चों की देखभाल, भोजन आदि के लिए यहां 17 लोगों का स्टाफ है। जिसमें आया, हेल्पर, रसोइया, फार्मेसिस्ट के अलावा योग, संगीत के अध्यापक भी रखे गए हैं।
इन बच्चों को सुबह योग कराने के बाद स्कूल भेजा जाता है। शाम के समय संगीत के अध्यापक सभी को संगीत के बारे में जानकारी देने के साथ ही नृत्य का भी प्रशिक्षण देते हैं। वहीं बालिका किशोरी गृह में 11 से 18 वर्ष तक की 34 लड़कियां रहती थी। इनमें से तीन लड़कियों उर्मिला, संगीता, निर्मला को डीएम सविन बंसल के प्रयासों के बाद स्वरोजगार का प्रशिक्षण देने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार भेजा गया है। उसके बाद वर्तमान में किशोरी गृह में 31 लड़कियां रहती हैं। किशोरी गृह की अधीक्षिका माया पांडे ने बताया कि लड़कियां स्कूल जाने के अलावा योग, संगीत का भी प्रशिक्षण लेती हैं।