चौखुटिया (अल्मोड़ा)। तहसील क्षेत्र में एक ही दिन में दस लोगों के कोरोना पॉजिटिव निकलने से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। दस लोगों में से नौ लोग एक ही परिवार के हैं, जबकि संक्रमित हुआ एक नेपाली नागरिक भी इसी परिवार के संपर्क में आया था। सात लोगों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे, जबकि तीन की रैपिड जांच हुई थी। इनके सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं।
सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. अमित रतन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दिल्ली से 13 जून को ग्राम बसकनियां के एक परिवार के 15 लोग तीन वाहनों में आए थे। चौखुटिया क्वारंटीन सेंटर पर सभी का टेस्ट करने के बाद जांच के लिए श्रीनगर भेजा गया था। शुक्रवार को इनमें से सात लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि आठ लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। बताया कि गांव के घर में सभी लोग एक साथ रह रहे हैं इसलिए सातों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सभी 15 लोगों को क्वारंटीन सेंटर में लाया गया है। डा. विवेक पंत और लैब टेक्नीशियन उमेश पांडे ने इसी परिवार के आठ और लोगों का स्थानीय स्तर पर रैपिड टेस्ट किया, जिसमें दो और लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली है। जबकि इनके संपर्क में आए एक नेपाली का रैपिड टैस्ट रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। एक साथ दस लोगों के कोरोना संक्रमित निकलने से स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है।
-
एसडीएम ने कहा अब तो सचेत हो जाओ
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में प्रवासियों के कारण कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर उपजिलाधिकारी आरके पांडे ने लोगों को आगाह किया है । उन्होंने कहा कि यदि हम अब भी सचेत नही हुए तो स्थिति बिगड़ने में देर नहीं लगेगी। कहा कि सख्त हिदायत देने के बावजूद प्रवासी होम क्वारंटीन के नियमों का सही से पालन नही कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग भी बेपरवाह बने हुए हैं। इस लड़ाई को लड़ने के लिए सभी को सहयोग करना होगा। उन्होंने लोगों से कुछ दिनों तक अनावश्यक रूप से बाजार न आने, जरूरी सामान खरीदने के बाद तुरंत घर गांव को लौटने और बुजुर्ग व बच्चों को कतई बाजार न भेजने की हिदायत दी है।
संक्रमितों में पांच साल की बच्ची भी है शामिल
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। एक ही परिवार के कोरोना संक्रमित नौ लोगों में एक पांच साल की बच्ची भी शामिल है। इसके अलावा पांच महिलाएं व तीन पुरुष हैं। संक्रमित परिवार के मकान में एक महिला सहित सात नेपाली रहने की सूचना पर डा. विवेक पंत के नेतृत्व में एक टीम गांव भेजी गई, जिसमें राजस्व उप निरीक्षक अंकित बडौनी और लैब टेक्नीशियन आदि शामिल थे। टीम ने सभी नेपालियों का रैपिड एक्शन टैस्ट किया जिसमें से एक नेपाली संक्रमित निकला जबकि उसके बाकी साथी निगेटिव पाए गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमित परिवार के अन्य सदस्यों की श्रीनगर लैब से आने वाली रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है।
---
संपर्क में आए लोगों की पहचान बड़ी चुनौती
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। चौखुटिया तहसील क्षेत्र में एक ही दिन में दस लोगों के कोरोना पॉजिटिव निकलने और तीन दिन में संक्रमितों की संख्या चौदह पहुंचने से प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। एक ओर संसाधनों की कमी दूसरी ओर संक्रमित प्रवासियों के कारण उत्पन्न चुनौतियों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सामने बड़ी समस्या पैदा कर दी है। स्थितियों से निपटने को लेकर एसडीएम आरके पांडे ने तहसीलदार सतीश बर्थवाल और स्वास्थ्य विभाग के साथ दो घंटे की बैठक कर मंत्रणा की है। प्रशासन के लिए सबसे पहली चुनौती संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों की तलाश कर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करने की है। जानकारी के अनुसार संक्रमित परिवार के संपर्क में आकर रैपिड टैस्ट में पॉजिटिव निकलने वाला नेपाली तथा उसके साथी बाजार के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों में लोगों के काम काज में व्यस्त देखे गए हैं। बताया गया है कि नेपाली परिवार के लोगों ने कुछ ग्रामीणों की रोपाई में भी हाथ बंटाया था।
मजाक बनकर रह गया होम क्वारंटीन
चौखुटिया/अल्मोड़ा। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम आदि शहरों से रोजाना करीब 400 से 500 प्रवासी गांव लौट रहे हैं। प्रतिदिन इतनी भारी संख्या में प्रवासियों के लौटने से प्रशासन ने इन लोगों के सैंपल लेकर होम क्वारंटीन में रखने के निर्देश दिए हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों में होम क्वारंटीन की यह व्यवस्था कोरोना नियंत्रण के लिहाज से काफी असुरक्षित मानी जा रही है।
दरअसल बाहर से आने वाले इन लोगों के रहने आदि के लिए गांव में काफी सीमित स्थान हैं। घरों में भी जगह कम रहती है, जिसमें नियमों के मुताबिक क्वारंटीन पर रहना संभव नहीं है। वहीं अधिकांश लोग गांव में आने के बाद लोगों से मिलने जुलने लगे हैं। वहीं जागरूकता की कमी से पड़ोसी और अन्य परिचित भी इन लोगों से मिलने पहुंच रहे हैं। फिर कुछ दिनों बाद सैंपल की रिपोर्ट आने पर कई लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना मिल रही है। तब तक पॉजिटिव पाए गए इन लोगों के जरिये तमाम अन्य लोगों में भी संक्रमण फैल रहा है। हाल के दिनों में ग्रामीण इलाकों में होम क्वारंटीन के दौरान कई लोग घूमते मिले हैं तो कई अनजाने में लोगों से मिलते रहे।
चौखुटिया में शुक्रवार को निकले कोरोना के दस ताजा मामलों को ही लें तो दिल्ली से आए एक ही परिवार के पंद्रह लोगों ने आपस में न सिर्फ एक दूसरे को संक्रमित किया, बल्कि आसपास रहने वाले एक नेपाली को भी संक्रमित कर दिया। यदि इन लोगों ने क्वारंटीन को गंभीरता से लिया होता तो ये स्थिति नहीं होती। इसी तरह की स्थिति टटलगांव और मासी के दो-दो कोरोना संक्रमितों की भी रही जिन्हें रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद गांव से लाकर आइसोलेसन में रखा गया है। होम क्वारंटीन को लेकर उच्चस्तर से जारी गाइड लाइन पर समय रहते पुनर्विचार न किया गया तो संक्रमण पर लगाम लगानी मुश्किल हो सकती है।
-
केस नंबर एक- होम क्वारंटीन में रखा गया एक व्यक्ति बुधवार को बाड़ेछीना बाजार में इधर-उधर घूमता रहा। इस दौरान उसने बाड़ेछीना के एक निजी क्लीनिक में अपना इलाज भी करवाया। वह बैंक भी गया तथा उसने बाड़ेछीना में ढाबे में बैठकर नाश्ता किया। इस दौरान वह कई अन्य चिरपरिचितों से भी मिलता रहा। अगले दिन सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद वह कोरोना पाजिटिव पाया गया। जिस पर लोगों में दहशत फैल गई।
केस नंबर दो- भिकियासैंण के तलाई गांव निवासी एक बुजुर्ग 21 मई को दिल्ली से अपना इलाज कराकर लौटा। उसे होम क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया। उसके बाद 29 मई को उसकी तबियत खराब होने पर अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मृत्यु के बाद उसका कोरोना सैंपल लिया गया। कई दिनों बाद आई रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। उसके बाद उनके परिवारजनों और संपर्क वाले कुछ अन्य लोगों को भी आइसोलेट किया गया।
-
प्रवासियों के घूमने की मिल रही शिकायत
एसडीएम आरके पांडे और तहसीलदार सतीश बर्थवाल बताते हैं कि कुछ स्थानों पर प्रवासी व स्थानीय लोगों द्वारा एक साथ घुमने व खेलने की शिकायत भी मिल रही है। यह स्थिति चिंताजनक है।
-
कोई भी चालक एंबुलेंस ले जाने को नहीं हुआ तैयार
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। चौखुटिया के संगेला होटल में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में दस नए मरीजों के साथ ही कुल मरीजों की संख्या चौदह हो गई है। शुक्रवार को पॉजिटिव आए दस मरीजों को अल्मोड़ा भेजा जाना था लेकिन एंबुलेंस चालक का स्वास्थ्य बिगड़ने और दूसरे चालक की व्यवस्था न होने से उक्त दस लोगों को भी फिलहाल यहीं रखा गया है। बताया गया कि खतरे के डर से कोई भी चालक एंबुलेंस ले जाने को तैयार नहीं हुआ।