अल्मोड़ा। क्वारब में बहन को भिटौली देकर लौट रहे एक युवक और उसके साथी को प्रशासन ने जीआईसी में बनाए गए रैनबसेरा में दाखिल कर दिया है। जीआईसी में बनाए गए रैन बसेरे में रहने वाले लोगों की कुल संख्या अब 35 हो गई है।
लॉकडाउन के दौरान घरों से निकलने पर रोक है। हवालबाग विकासखंड का निवासी अमित सिंह मेहता शुक्रवार को क्वारब में रहने वाली अपनी बहन को भिटौली देने गया था। वहां उसे रुद्रपुर से लौट रहा सेराघाट निवासी भाष्कर जोशी भी मिल गया। भाष्कर रुद्रपुर में किसी फैक्ट्री में काम करता है। वह सब्जी के ट्रक में लिफ्ट लेकर क्वारब पहुंचा। अमित और भाष्कर की पहले से ही जान-पहचान है। अमित की बहन के घर भाष्कर भी रुक गया। क्वारब से करीब छह किमी पैदल चलकर यह दोनों लोधिया पहुंचे। लोधिया चैक पोस्ट पर पुलिस ने इन दोनों को रोक लिया और जिले में प्रवेश करने का कारण पूछा। इसके बाद स्वास्थ्य परीक्षण के बाद इन दोनों युवकों को जीआईसी में बनाए गए रैन बसेरे में रखा गया है।