उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश विजेंद्र जैन ने कहा आयोग का उद्देश्य लोगों में जागरूकता पैदा कर शिकायतों का त्वरित निस्तारण करना है। आयोग मानवाधिकारों का हनन पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। बताया कि मई 2013 से अब तक आयोग में दर्ज 2614 शिकायतों में से 2392 का निस्तारण कर दिया है।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जैन ने कहा कि आयोग मानवाधिकारों के हनन को रोकने के लिए सतर्क है। साथ ही लोगों तक पहुंचकर अधिकारों के प्रति जागरुक भी किया जा रहा है। मानवाधिकारों के हनन से संबंधित किसी भी शिकायत को लोग घर बैठे ही चिट्ठी या ई-मेल से दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दो साल में मिली शिकायतों में से अब तक मात्र 222 शिकायतें लंबित हैं। इन पर भी कार्रवाई की जा रही है। दो साल में अल्मोड़ा से मिलीं 32 में से 28 और बागेश्वर की सभी 16 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है।
जस्टिस जैन ने नदी किनारे हो रहे निर्माण और अल्मोड़ा शहर में मानक से अधिक ऊंचाई के बन रहे भवनों पर चिंता जताई। कहा कि इस संबंध में शासन को अवगत कराया जाएगा। पत्रकारों ने मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को नगर और कस्बों में सीवर लाइन नहीं होने से हो रही दिक्कतों, अस्पतालों से निकलने वाले कचरे और नगर के कूड़े के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं होने की जानकारी आयोग अध्यक्ष को दी। जस्टिस जैन ने कहा कि कानून ने सभी व्यवस्थाएं कर रखी हैं। लेकिन अधिकारियों द्वारा संवेदनशील होकर काम नहीं करने से परेशानी बढ़ रही है। इस मौके पर आयोग के सदस्य जस्टिस राजेश टंडन, एसडीएम रिंकू बिष्ट, विशेष कार्याधिकारी केसू प्रसाद गुप्ता आदि मौजूद थे।
जेल और अन्य संस्थानों का किया निरीक्षण
मानवधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस विजेंद्र जैन ने जिला जेल, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित बाल निकेतन, नारी निकेतन, महिला सुधार गृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मानवाधिकार पर कार्यशाला आज
मानव अधिकार के प्रति लोगों का जागरूक करने के उद्देश्य से आयोग के तत्वावधन में विकास भवन सभागार में शुक्रवार की सुबह 11 बजे कार्यशाला होगी। कार्यशाला में कोई भी व्यक्ति भागीदारी कर सकता है।