पर्यावरण शिक्षण एवं ग्रामोत्थान समिति सीड की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित गोष्ठी में महिलाओं ने लावारिस जानवरों और वन्य जीवों की समस्या का प्रमुखता से उठाया। सामाजिक विकास में सामाजिक संस्थाओं के कार्यों का समाज में पड़ रहा प्रभाव पर आयोजित गोष्ठी की मुख्य अतिथि कोटद्वार से पहुंची सर्वोदयी गांधीवादी सरला बहन की शिष्या शशि प्रभा रावत ने क्षेत्रीय विकास में कार्यरत सभी संस्थाओं से सामंजस्य बिठाकर कार्य करने की अपील की।
शीतलापुष्कर मैदान में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए विधायक महेश नेगी ने संस्था को सहयोग करने तथा लावारिश जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि बांग्लादेश के नोबेल पुरस्कार प्राप्त मो. युनूस का जिक्र किया। कहा कि उन्होंने 27 डालर की पूंजी से बांग्लादेश में बैंक की स्थापना की और उसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 95 प्रतिशत ऋण दिए। उत्तराखंड जनता मोर्चा के प्रमोद नैनवाल ने कहा कि विकास में सामाजिक संस्थाएं महती भूमिका निभा रही हैं।
राशिसंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, महिला मंच की उमा भट्ट, उदय किरौला, उपपा नेता पीसी तिवारी, दिनेश तिवारी, रघु तिवारी, हेम कांडपाल, दुर्गा बिष्ट, हेमा नेगी, मोहन नेगी, मधुबाला कांडपाल, राकेश नाथ, दिनेश पुजारी आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता खीमानंद कांडपाल ने और संचालन मोहन कांडपाल ने किया।
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ग्राम स्तर पर महिलाओं के लिए कार्य कर रही समिति
द्वाराहाट। पर्यावरण शिक्षण एवं ग्रामोत्थान समिति सीड 1991 से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक बदलाव और ग्राम स्तर पर महिलाओं को जागरूक करने का कार्य कर रही हैं। ग्राम स्तर पर गठित महिला मंगल दलों के माध्यम से बालबाड़ी, वृक्षारोपण, पौधशाल, जल संरक्षण, ग्राम शिक्षण केंद्र, सामूहिक बचत, बालिका शिक्षा आदि के क्षेत्र में कार्य कर रही है। यह कार्यक्रम महिला मंगल दल संचालित कर रही हैं।