औपनिवेशिकता एक चुनौती है। अंग्रेज चले गए, लेकिन भारत के बुद्धिजीवियों को अंग्रेज बना गए, लेकिन अंग्रेजों ने क्या किया इस पर रोने का वक्त नहीं है। वर्तमान में दुनिया को यह बताने की जरूरत है कि हम कौन हैं। आज विचारों का स्वराज लाने की जरूरत है। यह भाषा की लड़ाई नहीं विचारों की लड़ाई है। यह बात संघ विचारक और कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. राकेश सिन्हा ने कुविवि एसएसजे परिसर में औपनिवेशिकता से भारतीय मानस की मुक्ति विषय पर आयोजित सेमिनार में कही। मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त एवं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि देवभूमि एकात्म मानववाद और दैशिक शास्त्र की जननी है।
देवभूमि विचार मंच और कुविवि की ओर से आयोजित सेमिनार में प्रो. सिन्हा ने कहा कि हमें अपनी मूल भावना को पुनर्जीवित करना है और स्वामी विवेकानंद की तरह दुनिया को जीतकर आना है। यह समय संस्कृति की विरासत को संजोने और दुनिया के सामने रखने की जरूरत का है। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने पूंजी के समान वितरण को आवश्यक बताते हुए कहा कि केंद्रीय और राज्य सरकारें औपनिवेशिकता वाली मानसिकता को दूर कर आम जनता और आम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।
प्रो. आदित्य मिश्रा ने कहा कि हम अभी भी औपनिवेशिक ताकतों से जकड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ज्ञान का संवर्धन कर औपनिवेशिक विचारों को त्यागने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आवासीय विवि के कुलपति प्रो. होशियार सिंह धामी ने कहा कि जब तक हम गुलामी से बाहर नहीं आते तब तक हम औपनिवेशिकता का शिकार होते रहते हैं। कुविवि के कुलपति प्रतिनिधि प्रो. पीसी कविदयाल ने औपनिवेशिकता से बाहर निकलने की बात कही। कार्यकम के संयोजक डा. नवीन चंद्र भट्ट ने कहा कि हम योग के माध्यम से औपनिवेशिक मानसिकता से भरे विचारों को दूर करने के लिए कटिबद्ध हैं।
इससे पूर्व अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्रीकांत कारकरे, प्रो.डीआर पुरोहित ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान पूर्व विभिन्न स्थानों से पहुंचे शोधार्थियों ने विषय केंद्रित शोध पत्रों का वाचन किया। कार्यक्रम में प्रो. वीके पांडे, प्रो.एएस हामिद, प्रो.एससी पुरोहित, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वालपंकज पुरोहित, प्रो.डीआर पुरोहित, डा. चैतन्य भंडारी, प्रो. इला साह, डा. तेजपाल सिंह, डा. आर्दश कुमार, डा. हरीश जोशी, डा. सोनू द्विवेदी, डा. मुकेश सामंत, डा. नंदन बिष्ट, भगवती पुरोहित, प्रो. प्रवीण बिष्ट, प्रो. वीडीएस नेगी समेत काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।