विकास भवन में आयोजित सेमिनार में मौजूद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा व अन्य अ
अल्मोड़ा। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन महिलाओं के रोजगार का जरिया बन सकता है। यदि महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी तो पहाड़ से पलायन भी रुकेगा। ज्योति सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में विकास भवन में महिला दुग्ध उत्पादकों के लिए आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में दुग्ध उत्पादन में बेहतरीन कार्य करने वाली दीपा साह को 10 हजार, कमला देवी को सात हजार और देवकी देवी को पांच हजार का पुरस्कार दिया गया।
उत्तराखंड महिला डेयरी विकास विभाग की ओर से आयोजित सेमिनार का शुभारंभ करते हुए राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा सकता है।
सहायक महाप्रबंधक महिला डेयरी गीता राठौर ने कहा कि महिलाएं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभाग उनकी हरसंभव मदद करेगा। वहां सीडीओ अंशुल सिंह, परियोजना निदेशक चंदा फर्त्याल, दुग्ध संघ महाप्रबंधक राजेश मेहता, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, डॉ. निवेदिता जोशी आदि मौजूद रहे।