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तबाह हो रही खेती देख छलका महिलाओं का दर्द

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संवाद अभियान में मौजूद एकता परिषद की महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। महिला एकता परिषद के द्वितीय चरण के संवाद अभियान का शुभारंभ हो गया हौ। सिमालगांव में हुई गोष्ठी में जहां जंगली जानवरों की ओर से तबाह की जा रही खेती किसानी का दर्द छलका, वहीं तेजी से बढ़ रहे पलायन पर भी गहरी चिंता जताई गई। कहा युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। सरकार को खेती किसानी बचाने के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए।
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अध्यक्ष विमला देवी की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी का संचालन आशा देवी ने किया। महिला एकता परिषद महासचिव मधुबाला कांडपाल ने कहा कि पलायन का मूल कारण बंजर हो रही खेती किसानी के कारण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों पर सरकार का बस नहीं है, जिस कारण लोग खेती किसानी से विमुख हो रहे हैं। इसके लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है। पूर्व ग्राम प्रधान सुमन बिष्ट ने कहा कि खेती बर्बाद होने के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है।
युवा गांवों से पलायन कर शहरों की तरफ जा रहे हैं। सरकार को शीघ्र पहाड़ की बर्बाद हो रही खेती को बचाने का प्रयास करने चाहिए। वक्ताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य का यदि ग्रामीण स्तर पर सुधार करने की मांग की। महिलाओं ने तय किया कि यदि सरकार ने लावारिस जानवर और जंगली सुअरों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई तो आंदोलन किया जाएगा। गोष्ठी में चंपा देवी, बीना देवी, नंदी देवी, भगवती देवी, जानकी देवी, गंगा देवी, नीमा देवी, रमा देवी, माधवी देवी आदि थे।
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