रानीखेत (अल्मोड़ा)। मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टीकल्चर योजना के तहत बागवानी विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन काश्तकारों को मौन पालन की जानकारी दी गई।
बुधवार को मधु विकास अधिकारी यशोदा रावत ने काश्तकारों को मौन पालन के महत्व और मौन पालन की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उनका कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौन पालन आय का बेहतर स्रोत बन सकता है। अपर प्रशिक्षण अधिकारी गगन पंत ने काश्तकारों को मशरूम उत्पादन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मशरूम कम लागत में अधिक लाभ देने वाली फसल है। इसे आसानी से उगाया जा सकता है। कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के 20 काश्तकार प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस दौरान कार्यक्रम में उपनिदेशक वनस्पति जगदीश चंद्र भट्ट, सुनील कुमार गुप्ता, डॉ. प्रियंका त्रिवेदी, आशीष कुमार, अब्दुल हनीफ सहित अनेक काश्तकार मौजूद रहे।
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