आंदोलनकारी चिन्हित करने की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का संघर्ष पांचवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। दूसरे चरण में आमरण अनशन पर बैठे 46 वर्षीय राम सिंह बोरा दूसरे दिन भी अनशन पर डटे रहे। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य की जांच कर बताया कि उनका वजन एक किलो घट गया है। आंदोलनकारियों ने एलान किया कि मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन खत्म किया जाएगा।
चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारी पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं।
पहले चरण में आमरण अनशन पर बैठे 70 वर्षीय बुजुर्ग आंदोलनकारी मोहन सिंह रावत को एक दिन पूर्व प्रशासन ने जबरन उठा लिया था। उनके स्थान पर चौखुटिया के राम सिंह बोरा आमरण अनशन कर रहे हैं। उनका भी एक किलो वजन घट गया है। इधर, राज्य आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इधर, आंदोलन को समर्थन देने वालों में भगवान चौधरी, गोपाल सिंह, हिम्मत सिंह, भुवन चौधरी, भीम सिंह, गोपाल सिंह, हिम्मत सिंह, भुवन चौधरी, भीम सिंह किरौला, विजय बजेठा, नवीन मैनाली, गिरधर सिंह राणा, रामदत्त मठपाल, कुंदन राम, दामोदर भट्ट, जगदीश रौतेला, मोहन सिंह आदि हैं। अनशन के समर्थन में मनोज अधिकारी, मोहन सिंह रावत, महेश त्रिपाठी, दान सिंह राणा, गोपाल सिंह, कुंदन राम, धनी राम, नवीन जोशी, लक्ष्मण सिंह, मनोहर दत्त जोशी, किशन सिंह नेगी, चंदन नेगी, विरेंद्र बजेठा, विपिन पंत आदि बैठे।