Prakash Chandra Bhatt who received a Ph.D. degree from Vice-President Dr. Havill Khorkiwal.
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जिले के चौखुटिया विकासखंड के ग्राम पंचायत दिगौत निवासी प्रकाश चंद्र भट्ट ने जामिया हमदर्द नई दिल्ली से फार्मास्यूटिकल बायो टेक्नोलॉजी विषय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनके शोध का विषय डेवलपमेंट ऑफ ए पोलीमर बेस्ड फार्मूला ऑफ निक्टोकाइनेज फॉर द प्रिवेंशन एंड ट्रीटमेंट ऑफ एल्जाइमर डिजीज था। उन्होंने अपने शोध में व्यक्ति के भूलने की बीमारी (एल्जाइमर डिजीज) दूर करने के लिए एक एंजाइम की खोज की है। जिसके लिए उन्हें यंग साइंटिस्ट अवार्ड भी मिल चुका है।
केंद्रीय विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रकाश चंद्र भट्ट को 2012-13 के यंग साइंटिस्ट अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। जिसमें उन्हें मेडल के अलावा 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली है। दिगौत निवासी नरोत्तम भट्ट और मोहनी देवी के पुत्र प्रकाश चंद्र भट्ट की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा राजकीय इंटर कालेज चौखुटिया से हुई।
23 अक्तूबर को श्रीफोर्ट आडिटोरियम नई दिल्ली में हुए समारोह में जामिया हमदर्द के कुलपति डॉ. हाविल खोरकिवाल ने उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की और यंग साइंटिस्ट अवार्ड प्राप्त होने के लिए सम्मानित किया। डा. भट्ट ने बताया कि व्यक्ति में एल्जाइमर डिजीज होती है जिसमें वह सब कुछ भूल जाता है। जापान जाकर उन्होंने इस पर शोध किया। जापान में उत्पादित होने वाली सोयाबीन को सड़ाने के बाद एक एंजाइम निकलता है। इस एंजाइम का प्रयोग चूहे और खरगोश पर किया गया। जिनमें इस एंजाइम का प्रयोग सफल रहा है। वर्तमान में प्रकाश चंद्र भट्ट गुरुग्राम में दवा की फैक्ट्री स्थापित कर रहे हैं।