रानीखेत (अल्मोड़ा)। एसडीएम गौरव पांडेय के निर्देश के बाद जल संस्थान के अधिकारियों ने पेयजल समस्या से जूझ रहे विशुवा के काला पहाड़ तोक का निरीक्षण किया। ग्रामीणों द्वारा बताई गई योजना की विसंगतियों को देखा।
गलत तरीके से आवंटित किए गए संयोजनों के बारे में भी विस्तार से जानकारी हासिल की। अधिकारियों ने दो माह के भीतर पेयजल व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने चेताया कि आश्वासन पूरे नहीं हुए तो आंदोलन होगा।
विशुवा का काला पहाड़ तोक वर्षों से पेयजल समस्या से जूझ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में कम क्षमता वाले जलाशय का निर्माण किया गया लेकिन कई स्थानों पर वितरण लाइन तक नहीं बिछाई गई।
ग्रामीणों को पानी के लिए दूरदराज के जल स्रोतों पर निर्भर होकर रहना पड़ता है। ग्राम विकास संगठन इसके लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा था। वर्ष 2014 से ग्रामीणों का संघर्ष चल रहा था।
बीते दिनों फिर से एसडीएम को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया, एसडीएम के निर्देश के बाद जल संस्थान के सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने काला पहाड़ तोक जाकर निरीक्षण किया।
उन्होंने पहले पुरानी पेयजल योजना में गलत तरीके से वितरित किए गए संयोजनों की जानकारी ली। गनियाद्योली में वितरित संयोजनों को भी देखा।
ग्रामीणों की शिकायत थी कि काला पहाड़ तोक के टैंक में पानी गिरने से पहले ही गनियाद्योली में खत्म हो जाता है। बाद में काला पहाड़ में जल निगम की ओर से बनाए गए जलाशय को देखा।
यह जलाशय पिछले तीन वर्षों से लावारिस हालत में था। तमाम विसंगतियों को देखने के बाद अधिकारियों ने दो महीने में पानी सुचारु रूप से चलाने का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि दो माह के भीतर समस्या का हल नही हुआ तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे। वहां ग्राम विकास संगठन के उपाध्यक्ष महेश जोशी, चंद्रा दत्त जोशी, ललित जोशी आदि थे।