नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन सरकार की ओर से सरकारी, अर्द्धसरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को देय मुफ्त सरकारी किताबें जिला मुख्यालय तक भी नहीं पहुंची हैं। शिक्षक पुरानी किताबों से ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं। किताबें न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सरकार प्रत्येक शिक्षा सत्र में सरकारी, अर्द्धसरकारी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को मुफ्त सरकारी किताबें नहीं मिल सकी हैं। यह किताबें बाजार में भी उपलब्ध नहीं हैं। जिले के 11 विकासखंडों में 1869 स्कूल हैं। इनमें एक से 8 तक की कक्षाओं में 62000 बच्चे पढ़ते हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के पखवाड़ेभर बाद भी प्रकाशकों से जिला मुख्यालय में किताबें नहीं पहुंचाई हैं। जिससे बच्चों को किताबें नहीं बांटी जा सकी हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि निर्देश देकर स्कूलों में रिजल्ट के दिन बच्चों से पुरानी किताबें स्कूलों में मंगा ली गई हैं। इन्हीं से बच्चों की पढ़ाई करवाई जा रही हैं। नई पुस्तकें मंगाने के लिए पहले ही टेंडर करा लिए गए हैं। फिलहाल नई किताबें नहीं पहुंची हैं। नई किताबें पहुंचते ही स्कूलों में बांट दी जाएंगी।