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स्कूल खुले पर दहशत नहीं हुई कम

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अल्मोड़ा के जीआईसी में छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग करते शिक्षक। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/बागेश्वर। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति से करीब सात महीने बाद सरकारी स्कूलों में चहल-पहल नजर आई। हालांकि छात्रों की कम संख्या देखकर साफ नजर आया कि एहतियात के तमाम उपायों के बावजूद अभिभावकों के मन में कोरोना की दहशत अब भी है। अल्मोड़ा और बागेश्वर के सरकारी स्कूलों में 50 से 55 प्रतिशत पहुंचे जबकि पब्लिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद सीमित रही। अल्मोड़ा के सीईओ एचबी चंद ने बताया कि जिले में दोनों कक्षाओं में पंजीकृत 20 हजार बच्चों में से करीब 11 हजार बच्चे उपस्थित हुए। दूसरी तरफ जिले के ज्यादातर पब्लिक स्कूल भी खोल दिए गए लेकिन वहां बहुत कम संख्या में छात्र पहुंचे। कई स्कूलों में तो एक भी छात्र नहीं पहुंचा। उधर, बागेश्वर में सोमवार को सरकारी स्कूलों में 53 फीसदी और निजी स्कूलों में 30 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे।
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आठ माह बाद सोमवार को जिले के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त इंटर कालेज और हाईस्कूल खुल गए हैं। मुख्य शिक्षाधिकारी एचबी चंद ने बताया कि जिले के सभी 265 सरकारी और 34 सहायता प्राप्त विद्यालय सोमवार से खुल गए हैं। अधिकांश विद्यालयों में दसवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राएं पहुंचे और वहां पठन पाठन शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में दसवीं और बारहवीं के लगभग 20 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पहले दिन इनमें से लगभग 11 हजार बच्चे उपस्थित हुए हैं। मंगलवार से संख्या में और भी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इससे पहले सभी विद्यालयों को सैनिटाइज किया गया और सभी विद्यालयों में सुरक्षित दूरी का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, बागेश्वर के सरकारी और निजी स्कूल कोरोना महामारी के बीच पूरी तैयारियों के साथ खोले गए। शासन के निर्देश पर छात्र-छात्राओं को स्कूल में प्रवेश देने से पहले अभिभावकों के सहमति और घोषणा पत्र देखे गए। सीईओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पहले दिन सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत 10वीं के 3090 छात्र-छात्राओं में से 1637 और 12वीं के 2859 में से 1515 विद्यार्थी उपस्थित रहे। 12 स्कूल ऐसे थे, जिनमें छात्रसंख्या 10 से कम रही। निजी स्कूलों में अध्ययनरत 10वीं के 1065 छात्र-छात्राओं में से 319 और 12वीं के 869 में से 261 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कोविड से बचाव को लेकर स्कूल में छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और कक्षाओं में छह-छह फुट की दूरी पर बिठाया गया।
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पब्लिक स्कूलों में इक्का दुक्का बच्चे ही पहुंचे
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय के कुछ विद्यालय तो खोले ही नहीं गए, जबकि जो स्कूल खुले वहां छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही। सबसे अधिक 20 बच्चे ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल में पहुंचे। प्रधानाचार्य हर्षवर्धन चौधरी ने बताया कि आज से पढ़ाई शुरू कर दी गई है। साथ में ऑनलाइन कक्षाएं भी चल रही हैं। बीयरशिवा स्कूल की प्रधानाचार्य प्रीति पांडे ने बताया कि 30 बच्चों के अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने की सहमति दी थी लेकिन पहले दिन कोई बच्चा नहीं आया। शारदा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या विनीता शेखर ने बताया कि सिर्फ तीन बच्चे स्कूल पहुंचे। इसलिए मंगलवार को स्कूल बंद रखा जाएगा और फिर अभिभावकों से बात की जाएगी। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमत हुए तो बुधवार से कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। केंद्रीय विद्यालय की प्रधानाचार्या माला तिवारी ने बताया कि पहले दिन कोई बच्चा नहीं पहुंचा। आर्मी स्कूल और होली एंजिल पब्लिक स्कूल सोमवार को नहीं खुले।
सीईओ ने गरुड़ ब्लॉक के स्कूलों की व्यवस्थाएं जांचीं
बागेश्वर। मुख्य शिक्षाधिकारी पदमेंद्र सकलानी ने गरुड़ के जीआईसी गरुड़, हाईस्कूल गलई कंधार, जीआईसी सिरकोट समेत अन्य स्कूलों में स्कूलों में निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची। उन्होंने कहा कि स्कूलों ने कोरोना से बचाव को लेकर पूरी तैयारियां की है। स्कूलों में थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर, हैंड वॉश और फर्स्ट एड किट रखे गए हैं। प्रधानाचार्यों को स्कूल में सैनिटाइजेशन के बाद प्राथमिकता के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सहमति पत्र में ली जा रही स्वास्थ्य की जानकारी
बागेश्वर। शिक्षा विभाग की ओर से बनाए गए सहमति पत्र के फॉरमेट में अभिभावकों से बच्चे के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ली जा रही है। कफ, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, मधुमेह, लीवर और हृदय संबंधित बीमारी की जानकारी ली जा रही है। कोविड-19 के लिए सरकार की ओर से प्रतिबंधित क्षेत्र की यात्रा वृत्तांत मांगा जा रहा है। अभिभावकों से सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चे को स्कूल भेजने की सहमति मांगी जा रही है।
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या रही कम
रानीखेत/द्वाराहाट। मिशन इंटर कॉलेज में कुल 53 छात्र-छात्राएं पहुंचे। स्कूल के प्रधानाचार्य सुनील मसीह ने सभी व्यवस्थाओं को परखा। नौ बजे बाद शिक्षक विद्यालयों में पहुंचने लगे थे और सभी मास्क पहनकर आए। साढ़े नौ बजे बाद विद्यालयों में छात्र छात्राओं का प्रवेश हुआ। इधर, आर्मी पब्लिक स्कूल में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में बच्चों की उपस्थिति अच्छी रही, यहां 90 फीसदी बच्चे विद्यालय पहुंचे। माउंट सिनाय स्कूल खुला, लेकिन कोई बच्चे नहीं आए। यही स्थिति अन्य विद्यालयों की भी रही। द्वाराहाट में एमडी तिवारी इंटर कालेज में भी छात्र-छात्राओं का मास्क और सुरक्षित दूरी के साथ हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षाओं का संचालन प्रारंभ हो गया है। विद्यालय प्रधानाचार्य नवीन मैनाली ने बताया कि गाइडलाइन का अनुपान करते पढ़ाई का कार्य हुआ।
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