पत्रकारों से वार्ता करते कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व प्रदेश संयोजक वीरेंद्र कुमार आर्य और जिला पंचायत सदस्य लता आर्या।
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प्रदेश के सीएम और कांग्रेस पर अनुसूचित जाति के लोगों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक वीरेंद्र कुमार आर्य और उनकी पत्नी गोलनाकरड़िया-चितई की जिला पंचायत सदस्य लता आर्या ने समर्थकों सहित कांग्रेस से नाता तोड़ दिया है। यहां पत्रकार वार्ता में वीरेंद्र कुमार आर्य ने अल्मोड़ा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
उन्होंने सीएम पर अनुसूचित जाति वर्ग के हितों की अनेदखी की आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी विभागों में बैकलॉग, उपनल में अनुसूचित जाति वर्ग का कोटा नहीं भरा गया है। सीएम ने सरकारी विभागों में पदोन्नति कोटा बहाल करने का आश्वासन दिया था, पर यह मांग भी अधूरी है। सरकार पर उन्होंने स्पेशल कंपोनेंट प्लान के बजट में भी घोटाले का आरोप लगाया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुके आर्य ने कहा कि स्थानीय विधायक से मालगांव को सड़क से जोड़ने की मांग की गई थी वह भी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि दलित वर्ग के 90 फीसदी वोट कांग्रेस को पड़ते हैं, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस ने इस वर्ग की उपेक्षा की है।
सीएम राहत कोष से जरूरतमंद अनुसूचित जाति के बीमार लोगों को मात्र दो से पांच हजार रुपए दिए गए। जो कि दलित वर्ग की उपेक्षा की है। उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य लता आर्या ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को कई बार स्थानीय विधायक के सम्मुख रखा गया पर उन्होंने उपेक्षा की। इस मौके पर थिकलना के प्रधान सुंदर राम, राकेश कुमार टम्टा, चंदू राम समेत काफी संख्या में समर्थक मौजूद थे।