अल्मोड़ा। संत निरंकारी मंडल की ओर से चीनाखान में हुई आध्यात्मिक गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि बगैर सतगुरु की कृपा के ब्रह्म की प्राप्ति नहीं हो सकती है। बिना ब्रह्म को जाने आध्यात्मिक जागृति नहीं आ सकती। यदि मनुष्य ने जीवन जीते हुए ब्रह्मज्ञान के द्वारा परमेश्वर से नाता जोड़ लिया तो सारे ईश्वरीय गुण उसमें आने लगेंगे।
अध्यक्षता करते हुए डा. राकेश जोशी ने कहा कि मानव देह का मानवता के बिना कोई मूल्य नहीं है। मनुष्य की विडंबना है कि वह जागृत तो होता है लेकिन सिर्फ संसार की ओर, आत्मजागरण की ओर नहीं।
इस कारण वह परम आनंद को प्राप्त नहीं कर पाता है। संचालन जिला शाखा के संयोजक खीम सिंह रैकुनी ने किया। इस मौके पर द्वारका दास, आरपी श्रीवास्तव, नीरज जोशी, दीपक डंगवाल, राम प्रकाश, नंदी वर्मा, हेमा कांडपाल आदि मौजूद थे।