फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तो सिर काटकर नहीं की गई थी हत्या

Tue, 03 Jan 2017 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
विज्ञापन
रानीखेत का संजय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रानीखेत (अल्मोड़ा)। संजय हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को पूरा एक साल का समय लग गया। पुलिस का कहना है कि मामले में कई मोड़ आए। मृतक संजय का पहले सिर कटा शव और फिर सिर बरामद हुआ। इससे आशंका थी कि हत्या सिर काटकर की गई है, लेकिन आरोपियों ने सिर काटने से इंकार कर दिया है। संभवत: सड़ गलकर सिर धड़ से अलग हो गया होगा। सभी से अलग अलग पूछताछ की गई, लेकिन सभी ने गोली से हत्या करने की बात स्वीकारी है।
विज्ञापन


पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने हत्या करने के बाद शव को सूरज की कार में रख दिया, कार पूरी तरह से खून से लतपथ हो चुकी थी, शव ठिकाने लगाने के बाद आरोपियों ने कार को बेच दिया। पुलिस ने कार को बरामद किया, तो कार की सीट के नीचे खून जमा पड़ा था, यहीं से शक की सुई इन युवकों पर घूम गई।

कटा सिर, धड़ और मृतक संजय की मां गंगा देवी और कार में मिले खून का डीएनए टेस्ट कराने की कार्रवाई शुरू हुई। बकौल पुलिस डीएनए की रिपोर्ट आने में एक साल का समय व्यतीत हो गया। हत्या में प्रयुक्त तमंचे को पुलिस अभी तक बरामद नहीं कर सकी है। 
विज्ञापन


रानीखेत (अल्मोड़ा)। पिलखोली निवासी 24 वर्षीय युवक संजय फर्त्याल हत्याकांड की परतें अब पूरी तरह से खुल चुकी हैं। पुलिस ने बताया कि मृतक संजय सहित चारों आरोपी गहरे दोस्त थे। संजय गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। पिछले वर्ष आरोपी सूरज चिलवाल ने पिलखोली में दुकान खोली थी, संजय भी दुकान में बैठता था, लेकिन संजय ने भी अपने लिए अलग दुकान खोलने का निर्णय लिया, दुकान खोलकर 15 जनवरी को उसका उद्घाटन करना था। यहीं से दोस्ती में दरार आ गई। सूरज चाहता था कि संजय उसकी दुकान में काम करे, लेकिन संजय को यह मंजूर नहीं था। यहीं से चार साथियों ने संजय को ठिकाने लगाने का ताना-बाना बुन लिया और 14 जनवरी को ही उसकी हत्या कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें