मौलेखाल(अल्मोड़ा)। सल्ट क्षेत्र के लोगों के लिए जिला मुख्यालय अल्मोड़ा और रानीखेत तक सीधी बस सेवा अब भी बड़ी जरूरत बनी हुई है। ब्लॉक मुख्यालय से अल्मोड़ा की दूरी करीब 160 किलोमीटर है, जबकि दूरस्थ गांवों से यह दूरी करीब 200 किलोमीटर तक पहुंच जाती है।
सीधी सरकारी बस सेवा नहीं होने से हजारों ग्रामीण निजी टैक्सी, मैक्स और अन्य वाहनों पर निर्भर हैं। जिला मुख्यालय में सरकारी विभागों से जुड़े काम, प्रमाणपत्र, दस्तावेज, प्रशासनिक कार्य और अस्पताल जाने के लिए लोगों को अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। कई बार रास्ते में वाहन बदलने पड़ते हैं। निजी वाहन बुक कराने पर लोगों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और मरीजों को इससे अधिक परेशानी होती है।
रानीखेत जाने वालों की भी परेशानी
सल्ट क्षेत्र के लिए रानीखेत भी महत्वपूर्ण केंद्र है। एआरटीओ, पुलिस और लोक निर्माण विभाग समेत अन्य कार्यालयों से जुड़े कार्यों के अलावा रोजगार और सेना भर्ती के लिए युवा रानीखेत जाते हैं। सीधी बस नहीं होने से निर्धारित समय पर पहुंचना और वापस लौटना चुनौती बन जाता है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा कि सल्ट से जिला मुख्यालय तक सीधी बस सेवा की नितांत आवश्यकता है। ग्रामीण जीवन सिंह ने बताया कि बेटे को ताड़ीखेत नवोदय विद्यालय से लाने-ले जाने में हर बार निजी वाहन या शेयर टैक्सी पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। ग्रामीणों ने सल्ट-मौलेखाल से अल्मोड़ा और रानीखेत के लिए नियमित सीधी बस सेवा शुरू करने की मांग की है।
रोडवेज के क्षेत्रीय महाप्रबंधक, धर्मानंद जोशी ने बताया कि फिलहाल निगम के पास बसों और स्टाफ की कमी है। नई बसें और स्टाफ मिलने पर यहां से सुविधा शुरू करने पर विचार किया जाएगा।