अल्मोड़ा। जिले में कोरोना की दूसरी लहर के बीच कोरोना संबंधित दवाइयों की बिक्री लगभग साढ़े छह गुना तक बढ़ी है। दो माह में जिले में लोग करीब 40 लाख रुपये की दवाइयां खरीद चुके हैं, जबकि पहले मात्र तीन लाख रुपये की ही दवाइयां बिक पाती थीं।
जिले में 230 मेडिकल स्टोर हैं। इनसे मरीजों को लगातार दवाइयां उपलब्ध होती हैं। इन दिनों बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच विटामिन, जिंक, आइवरमैक्टिन, डोलो आदि दवाइयों की खपत बढ़ गई हैं।
संक्रमण के डर से लोग लगातार इस तरह की दवाइयां खा रहे हैं। इन दिनों जिले में विभिन्न प्रकार की दवाइयों की बिक्री छह गुना से अधिक बढ़ी है।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीएस मनकोटी ने बताया कि जिले में इन दिनों प्रतिदिन लगभग 50 हजार रुपये से अधिक की दवाइयां बिक रहीं हैं।
दो माह में ही पूरे जिले में 40 लाख रुपये की दवाइयां बिक चुकी हैं, जबकि सामान्य स्थिति में रोजाना करीब 10 हजार रुपये की दवाइयां बिकती थीं। बताया कि कोरोना की पहली लहर जब शुरू हुई थी तब इन दवाओं की बिक्री में उछाल आया था।
इसके बाद पिछले साल नवंबर में फिर से इन दवाओं की बिक्री सामान्य हो गई थी और अब पिछले अप्रैल से एक बार फिर कोरोना संक्रमण से बचाव में मददगार दवाओं की बिक्री में उछाल आ गया है।
हालांकि अब दवाएं ऑनलाइन मंगाने का भी चलन बढ़ गया है। इसके आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इधर विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के डर की वजह से लोग एहतियात के तौर पर भी दवाओं का सेवन कर रहे हैं ताकि संक्रमण से बचा जा सके। हालांकि किसी भी दवा के इस्तेमाल से पहले डॉक्टरों की राय लेना जरूरी है।
कुछ लोग घरों में रख रहे अनावश्यक दवाएं
अल्मोड़ा। मेडिकल स्टोर स्वामियों का कहना है कि जिन सामान्य दवाएं कोरोना के उपचार में इस्तेमाल होतीं हैं, उनको कुुछ लोग खरीदकर घर में स्टॉक भी कर रहे हैं। ताकि विपरीत समय में यह दवाएं काम आ सकें। हालांकि इन दवाओं की मेडिकल स्टोरों पर कमी नहीं है।