नगर में विभिन्न स्थानों पर रामलीला मंचन जारी है। रामलीला में पांचवें दिन पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने ‘सखा कहा हैं राज दुलारे काली अयोध्या सुनी लागे उपवन लागे उजाड़े’ कहकर प्राण त्याग दिए।
नगर के राजपुरा, खत्याड़ी, सरकार की आली, नंदा देवी, कर्नाटक खोला, श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब, धारानौला, एनटीडी में रामलीला मंचन की धूम मची है। श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला में सुमंत विलाप, केवट मिलन, दशरथ मरण, श्रवण भक्ति, कैकई-भरत संवाद, चित्रकूट में भरत मिलाप आदि प्रसंगों का मंचन किया गया। कर्नाटक खोला की रामलीला में केवट प्रसंग, सुमंत विलाप, दशरथ मरण, भरत मिलाप तक की लीला दिखाई गई। वरिष्ठ रंगकर्मी दीपक पांडे ने सुमंत की भूमिका का जीवंत अभिनय कर दर्शकों की वाहवाही लूटी। जिला पंचायत सदस्य भावना अधिकारी ने रामलीला का शुभारंभ किया।
विनीता बाफिला ने राम, लता बाफिला ने लक्ष्मण, दिव्या पाटनी ने सीता, गीतांजलि पांडेय ने भरत के पात्र का अभिनय किया। नंदादेवी की रामलीला में सुमंत विलाप से लेकर चित्रकूट में भरत मिलाप तक की रामलीला दिखाई गई। रामलीला कमेटी के संयोजक और पूर्व सभासद प्रकाश पांडे ने सभी का आभार जताया। एनटीडी की रामलीला में सुमंत विलाप, केवट मिलन, दशरथ मरण से भरत मिलाप तक की लीला दिखाई गई। दशरथ के पात्र पंकज कांडपाल और सुमंत के पात्र वेद प्रकाश तिवारी ने सुंदर अभिनय किया। सरकार की आली की रामलीला में राम, लक्ष्मण, सीता वन गमन, सुमंत विलाप, केवट प्रसंग, चित्रकूट में भरत मिलाप आदि प्रसंग दिखाए गए।
सोमेश्वर में सीता स्वयंवर देखने उमड़ पड़ी लोगों की भीड़
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। सोमनाथ महावीर रामलीला कमेटी की ओर से सोमेश्वर में चल रही रामलीला में तीसरे दिन सीता स्वयंवर देखने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। तीसरे दिन धनुष यज्ञ, राजाओं का प्रवेश, रावण, बाणासुर प्रवेश, राम का धनुष तोड़ना, सीता स्वयंवर, परशुराम-लक्ष्मण संवाद आदि प्रसंग मंचित किए गए। बैगनिया, चनौदा, छानी, झुपुलचौरा, रनमन, मनान, कौसानी, जालधौलाड़, टाना, नारंगतोला समेत कई दूरस्थ गांवों से सीता स्वयंवर देखने लोगों की भीड़ उमड़ी पड़ी। कोतवाल संजय गर्ब्याल ने रामलीला का उद्घाटन किया।