अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य की कांग्रेस सरकार को 27 मार्च को बेवजह बर्खास्त कर दिया। जबकि राज्य के हालात सामान्य थे। इस दिन को काले दिवस के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग इस मुद्दे को जनता की अदालत में ले जाएंगे।
तिवारी ने कहा कि 18 मार्च को विधानसभा में विनियोग विधेयक लाया गया था जो कि ध्वनि मत से पारित हुआ था, लेकिन विपक्ष ने हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यपाल को ज्ञापन देकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग पर अड़ गए। बाद में राज्यपाल ने कांग्रेस सरकार से 28 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा। विधानसभा में कांग्रेस सरकार हर हाल में बहुमत साबित कर देती, लेकिन इससे पहले ही केंद्र सरकार ने साजिश के तहत राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया।
तिवारी ने कहा कि राष्ट्रपति शासन तब ही लगाया जा सकता है जब किसी राज्य में कानून व्यवस्था भंग हो गई हो, लेकिन राज्य में स्थिति पूरी तरह सामान्य थी इसके बावजूद यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद अल्मोड़ा में आवासीय विवि, विज्ञान पार्क सहित अन्य योजनाओं के निर्माण में भी विराम लग गया है। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, राजेश बिष्ट, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष लता तिवारी, संदीप जंगपांगी, त्रिलोचन जोशी, लवी चिलवाल, तारु जोशी आदि भी मौजूद थे।