स्याल्दे (अल्मोड़ा)। देश की आजादी के 78 वर्ष पूरा होने पर जहां पूरा देश स्वतंत्रता सेनानियों को नमन कर रहा है। वहीं चौकोट के वीर सपूत हरिकृष्ण उप्रेती और हीरामणि बड़ौला की शहादत को याद करते हुए देघाट में भी आज शहीद दिवस मनाया जाएगा। यह आयोजन युवा पीढ़ी को प्रेरणा देगा कि देश को यू ही आजादी नहीं मिली। देश को आजाद कराने में कई बीरों ने अपना बलिदान दिया।
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देघाट की धरती पर आजादी की अलख जगाने वाले हरिकृष्ण उप्रेती और हीरामणि बड़ौला ने अंग्रेजी शासन से लोहा लिया था। 17 अगस्त को पटवारी चौकी घेराव के बाद 19 अगस्त को आंदोलनकारियों की भीड़ पर ब्रिटिश सेना की ओर से की गई गोलीबारी में भेली निवासी हरिकृष्ण उप्रेती और खल्डुवा निवासी हीरामणि बड़ौला शहीद हो गए थे। इन वीरों की याद में देघाट में शहीद स्मारक बनाया गया। यहां हर वर्ष 19 अगस्त को जनप्रतिनिधियों से लेकर क्षेत्र के लोग स्मारक के पास एकत्र होकर इन सपूतों को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं।
इन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किया जाएगा
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। शहीद दिवस पर देश की आजादी के लिए ब्रिटिश सरकार की यातनाएं सहने और जेलों में बंद रहे स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी। शहीद गोपाल दत्त उप्रेती, चिंतामणी मिश्रा, गोसाई दत्त दुर्गापाल, गंगा सिंह, गमाल सिंह रावत, गमाल सिंह, गमाल सिंह बोरा, मोती सिंह, मोती सिंह, मोहन सिंह हीत, मोहन सिंह, मदन सिंह डंगवाल, राधा देवी, राम दत्त, ललित सिंह, लाली सिंह कदाली, लक्ष्मण सिंह कदाली को भी आज याद किया जाएगा।