यहां पिंडारी मार्ग पर जिला शिक्षण संवाद आरटीआई फोरम और मां मानव सेवा समिति की ओर से शिक्षा पर कार्यशाला हुई। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी आदि वक्ताओं ने शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताई। उन्होंने शिक्षा के सरकारी ढांचे की विश्वसनीयता बहाल करने पर जोर दिया।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लागू करके अच्छी पहल की है। इसका लाभ समाज के अधिसंख्य वर्ग को मिल सकता है। इसके लिए सरकार के स्तर से पर्याप्त संसाधनों की भी व्यवस्था होनी चाहिए। अवकाश प्राप्त शिक्षक दीवान सिंह दानू ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की फीस, शिक्षकों के वेतन के मानकों का पालन होना चाहिए। मान सिंह देव ने निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुपात में योग, नियमानुसार प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती की मांग की। संस्था के अध्यक्ष दिनेश पांडे ने कहा कि हर गांव के बजाए न्याय पंचायत स्तर पर सुविधा संपन्न स्कूल हो, बच्चों की योग्यता के मूल्यांकन को पहले की तरह संगठित परीक्षा व्यवस्था लागू हो। वक्ताओं ने शिक्षा का लाभ आम बच्चों तक पहुंचाने के लिए सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास को बहाल करने पर जोर दिया। वहां चरण सिंह बघरी, मेहरबान सिंह फर्स्वाण, केवलानंद जोशी, प्रेम सिंह देव, हीरा सिंह टाकुली, करम सिंह दानू, विजय रजवार, दिनेश घुघत्याल, नीरु गोस्वामी, कविता माजिला, नीमा बिष्ट, पुष्पा आदि भी उपस्थित थे।