जिला उपभोक्ता फोरम ने कुमाऊं विवि के कुलपति और एसएसजे परिसर अल्मोड़ा की बीसीए विभागाध्यक्ष को दूसरे संस्थान में प्रवेश लेने वाले बीसीए प्रथम वर्ष के छात्र को शुल्क के 33,286 रुपए एक माह के भीतर लौटाने का आदेश दिया है।
भाकड़ (धामस) निवासी पवन सिंह नगरकोटी पुत्र इंद्र सिंह नगरकोटी ने एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में सत्र 2013-14 में बीसीए प्रथम वर्ष में 22 जुलाई 2013 को प्रवेश लिया और विभाग में एक वर्ष का शुल्क 33,486 रुपए जमा किए। इसी दौरान पवन का चयन सरकारी इंजीनियरिंग कालेज इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी गोपेश्वर में हो गया। वहां से स्थानांतरित होकर उन्हें राजकीय तकनीकी विद्यालय सीमानंत इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी पिथौरागढ़ में प्रवेश मिला।
पवन ने परिसर में लिखित में पत्र दिया कि अब उन्हें बीसीए करने की आवश्यकता नहीं है और प्रवेश शुल्क छोड़कर शेष 33,286 रुपए लौटाए जाएं। लेकिन परिसर ने कहा कि विवरणिका में लिखा गया है कि मध्य सत्र में प्रवेश निरस्त करने वाले अथवा अन्यत्र स्थान परिवर्तन करने वाले छात्र को काशनमनी के अलावा कोई शुल्क वापस नहीं होगा। इस पर पवन ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया।
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रवींद्र मैठाणी और सदस्य लीला जोशी ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुनी। न्यायालय ने आदेश सुनाया कि विपक्षी कुमाऊं विवि के कुलपति और बीसीए विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल सक्सेना एडमिशन फीस और इनरॉलमेंट फीस के 50-50 रुपए, रजिस्ट्रेशन फीस के 100 रुपए काटकर शेष 33,286 रुपए की धनराशि पवन को एक माह के भीतर भुगतान करें। निर्धारित अवधि में धनराशि भुगतान नहीं की गई तो विवि को छात्र को छह फीसदी वार्षिक दर से ब्याज भी अदा करना होगा।