अल्मोड़ा। स्वास्थ्य महकमा बरसात के सीजन में जल जनित रोगों के बढ़ते खतरे की आशंका के चलते सतर्क हो गया है। बारिश में दूषित पानी के सेवन से हेपेटाइटिस, डायरिया आदि संक्रमित बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले के 11 ब्लॉकों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है।
जिले में बारिश के मौसम में दूषित पानी का सेवन करने से हर साल कई लोग हेपेटाइटिस, डायरिया, पीलिया आदि संक्रमित बीमारियों की चपेट में आते हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक रहती है। समय पर उपचार नहीं मिलने से कई बार मरीज की हालत गंभीर बन जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने अब जल जनित रोगों के संक्रमण को रोकने के लिए सभी 11 ब्लॉकों में आरआरटी टीमों का गठन किया है। टीम को किसी भी आपात स्थिति में मौके पर पहुंचने और संक्रमण फौरन काबू पाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अब संक्रमित बीमारियों का खतरा कम होगा।
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चित्तोली गांव में 22 बच्चे हो गए थे बीमार
बीते महीने की 11 तारीख को स्याल्दे के चित्तोली गांव में दूषित पानी पीने से 22 बच्चे बीमार हो गए थे। वह बुखार, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत कर रहे थे। परिजन उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों में लेकर पहुंचे तो उनमें पीलिया संक्रमण की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने दूषित पानी के सेवन को इसकी वजह बताया था।
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गांव-गांव चलेगा अभियान
दूषित पानी से होने वाले संक्रमण से बचाव के लिए विभाग स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान चलाएगा। इससे छात्र-छात्राओं के अलावा ग्रामीणों को दूषित पानी से होने वाली बीमारियों और बचाव के तरीके बताए जाएंगे।
कोट
- बारिश के दौरान संक्रमित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी ब्लाॅकों में आरआरटी टीम गठित की गई है। बारिश के दौरान उबला या छानकर पानी पीन चाहिए। संक्रमण के लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। - डॉ. नवीन चंद्र तिवारी, सीएमओ, अल्मोड़ा।