रोजगार के अवसर न होना पहाड़ में लोकतंत्र को किस तरह से नुकसान पहुंचा रहा है यह जिले की छह विधानसभाओं में देखने को मिल रहा है। इन विधानसभाओं में पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत लगातार कम हो रहा है। अधिक संख्या में होते हुए भी महिला मतदाताओं की तुलना में इनका मतदान प्रतिशत कई विधानसभाओं में बेहद कम है। चिंताजनक बात यह भी है कि हर चुनाव में यह अंतर बढ़ता जा रहा है।
2012 के विधानसभा चुनाव पर ही गौर करें तो इस चुनाव में जिले की छह विधानसभाओं में पुरुष मतदाताओं ने 50.09 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने 60.85 प्रतिशत मतदान किया। यह अंतर सल्ट में सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। जिले की छह विधानसभाओं में सल्ट को रोजगार के अवसर के हिसाब से सबसे पिछड़ा माना जाता है। मतलब यह भी कि रोजगार की तुलना में इस विधानसभा से हर साल कई पुरुष शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन पुरुषों का घर परिवार से जुड़ाव बना रहता है। ऐसे में ये अपने मत का प्रयोग अस्थाई निवास के स्थान पर भी नहीं कर पाते और रोजगार की बंदिश के चलते अपने घर पहुंच कर भी मत का प्रयोग नहीं कर पाते। 2012 के विधानसभा चुनाव में सल्ट में पुरुषों की अपेक्षा करीब 15 प्रतिशत महिलाओं ने अधिक मतदान किया। यह तब है जबकि सल्ट में 2012 के चुनाव में 44 हजार महिला और 44 हजार ही पुरुष मतदाता थे।
इसका एक और उदाहरण अल्मोड़ा विधानसभा है। शहरी क्षेत्र होने के कारण इस विधानसभा में रोजगार के अधिक अवसर पुरुषों के लिए उपलब्ध हैं। आसपास के गांव वालोें की आर्थिक रूप से शहर क्षेत्र पर निर्भरता भी है। इस विधानसभा क्षेत्र में महिला और पुरुष मतदाताओं का अंतर करीब छह प्रतिशत रहा। जिले में कोई भी ऐसी विधानसभा क्षेत्र नहीं है जहां पुरुषों का वोट प्रतिशत अधिक रहा हो। जाहिर है कि रोजगार के लिए बाहर रहने वाले हजारों लोग अपने मत का प्रयोग भी नहीं कर पाते। यही स्थिति इस चुनाव में भी रहने की आशंका है।
ये रही स्थिति...........
विधानसभा मतदान प्रतिशत 2012 मतदान प्रतिशत 2007
पुरुष महिला पुरुष महिला
सल्ट 44.91 59.07 51.39 63.51
सोमेश्वर 51.47 64.68 59.73 61.39
द्वाराहाट 46.46 57.41 57.99 60.76
जागेश्वर 51.86 63.02 58.33 64.18
रानीखेत 48.88 57.92 59.57 63.60
अल्मोड़ा 57.47 63.74 64.02 64.73