रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक में वक्ताओं ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अवशेष देयकों का भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि डिपो में पार्ट्स और चालकों की कमी बनी हुई है। इससे डिपो को प्रतिदिन ढाई लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने बाह्य स्रोत में कार्यरत सभी कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह बोनस देने, बाह्य स्रोत कर्मचारियों के ऑन ड्यूटी दुर्घटना होने पर उसका उपचार परिवहन निगम द्वारा कराने, डिपो में 26 चालकों की नियुक्ति करने, दीपावली से पहले बोनस का भुगतान करने, अल्मोड़ा डिपो को 20 नई बसें देने, अल्मोड़ा से दिल्ली के लिए एसी बसें चलाने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अवशेष देयकों का भुगतान करने, उत्तराखंड परिवहन निगम को राजकीय रोडवेज के रूप में स्थापित करने, परिवहन निगम को हर वर्ष वित्तीय बजट देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि थराई-बरेली, अल्मोड़ा-रानीखेत, अल्मोड़ा-शीतलाखेत, अल्मोड़ा-चायखान-लमगड़ा आदि रुटों में बंद पड़ी सेवाओं को दोबारा संचालित किया जाए।
अध्यक्षता डिपो अध्यक्ष गोविंद प्रसाद टम्टा और संचालन डिपो मंत्री रमेश जोशी ने किया। बैठक में प्रेम सिंह बिरोड़िया, राम दत्त पपनै, सुरेश नेगी, राकेश कुमार, गिरीश आर्या, नंद लाल, प्रदीप कुमार, अनूप जोशी, दीपक कुमार, प्रवीन सिंह, पूरन सिंह बिष्ट, घनश्याम जोशी आदि मौजूद थे।