अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज डिपो से देहरादून, गुरुग्राम, चंडीगढ़, बरेली, लखनऊ, दिल्ली समेत अन्य कई रूटों में बसों का संचालन ठप है। जिससे डिपो को प्रतिमाह करोड़ो रुपये का घाटा झेलना पड़ रहा है। साथ ही पहाड़ से देहरादून, दिल्ली, गुरुग्राम आदि मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अल्मोड़ा स्थित रोडवेज डिपो से लॉकडाउन से पूर्व प्रतिदिन 19 सेवाओं का संचालन होता था। रोडवेज की दिल्ली रूट में सर्वाधिक सात, देहरादून रूट में चार समेत गुरुग्राम, चंडीगढ़, बरेली, लखनऊ समेत अन्य रूटों में एक-एक बसों का संचालन होता था। लॉकडाउन से पहले रोडवेज की 19 सेवाओं के संचालन से प्रतिदिन पांच लाख से अधिक की कमाई होती थी। अनलॉक-3 में कभी तीन तो कभी पांच सेवाओं का ही संचालन हो रहा है।
ऐसे में रोडवेज को प्रतिमाह डेढ़ करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। इससे निगम की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होते जा रही है। 22 मार्च जनता कर्फ्यू से बसों का संचालन ठप हो गया था। 25 जून से रोडवेज बसों का फिर से संचालन शुरू हुआ। अनलॉक-3 में भी 19 सेवाओं में से सिर्फ पांच सेवाओं का ही संचालन हो रहा है। कई बार यात्री न मिलने से पांच में से भी एक-दो सेवाएं ही संचालित हो पाती हैं। इससे रोडवेज को लगातार घाटा झेलना पड़ रहा है।
देहरादून, गुरुग्राम, चंगीगढ़, बरेली, लखनऊ, दिल्ली रूटों को जाने वाली बसों से रोडवेज को अच्छी इनकम होती थी लेकिन 19 मार्च से इन बसों का संचालन बंद होने से रोडवेज की आय पर असर पड़ा है। अनलॉॅक-3 में गिनी-चुनी सेवाएं संचालित होने से डिपो को प्रतिदिन 40 हजार की ही आय हो रही है।