चौखुटिया(अल्मोड़ा)। बाईसओखला सड़क निर्माण में आड़े आ रहे पेयजल स्रोत का मामला सुलझ गया है। तय हुआ कि सड़क का निर्माण पेयजल स्रोत से 25 मीटर की दूरी पर होगा ताकि पेयजल स्रोत को नुकसान न पहुंचे। मंगलवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम की मध्यस्थता में लोनिवि अभियंताओं और ग्रामीणों के बीच हुए लिखित समझौते के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों ने समझौते का पालन न होने पर सड़क निर्माण कार्य रोकने की बात कही है।
बता दें कि पीएमजीएसवाई के तहत निर्माणाधीन उडलीखान-आगरमनराल-बाईसओखला मार्ग निर्माण से खडकतया के सैलीफाट गांव के एकमात्र पेयजल और सिंचाई स्रोत के लिए खतरा पैदा हो गया था। सड़क के सर्वे स्रोत के ठीक ऊपर होने से ग्रामीणों को स्रोत के सूखने पर पेयजल व सिंचाई की किल्लत का भय था। इसी के चलते गांव के साठ परिवार सड़क का विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों ने इसको लेकर तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन के साथ ही गांव में आंदोलन कर सड़क को पेयजल स्रोत से अन्यत्र स्थान पर ले जाने की मांग की गई थी।
मंगलवार को सैलीफाट पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की। तय हुआ कि सड़क का निर्माण पेयजल स्रोत से नीचे बीस से 25 मीटर दूर किया जाएगा। सड़क निर्माण से स्रोत को किसी तरह का नुकसान नही होने दिया जाएगा।
एसडीएम जयवर्धन शर्मा की मध्यस्थता में हुई बैठक में तहसीलदार विवेक राजौरी, लोनिवि के ईई लीलाधर मथेला, एई दर्शन सिंह नेगी व अमीन एसपी साह के अलावा ग्रामीणों की ओर से कल्याण सिंह, इंद्रमणी, गोपाल दत्त, भोपाल नाथ, हरीशनाथ, प्रेमनाथ, गोपुलीदेवी, हेमादेवी, लीलादेवी, मोतुली देवी, उमेश चंद्र, खीमा देवी अनीता देवी, जोगुली देवी, तुलसी देवी, कमला देवी, नीमा देवी मंजू देवी आदि ग्रामवासी मौजूद रहे।
फोटो- चौखुटिया के सैलीफाट में सड़क निर्माण के विवाद को सुलझाने के लिए वार्ता करते एसडीएम, लोनिवि के अधिकारी और ग्रामीण। (फोटो04एएलएमसीएचके01पी)