रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत विकासखंड की ख्यूशालकोट ग्राम पंचायत में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच ग्रामीण बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। गांव को जोड़ने वाली सड़कों की हालत बेहद खराब है। दो मतदान केंद्र बनाए गए हैं, मगर वहां तक पहुंचने में ग्रामीणों को खासी दिक्कत हो रही है।
भारी बारिश से कच्ची सड़कें कीचड़ और मलबे से पट गई हैं। विधायक निधि से बनी मुख्य सड़क भी गड्ढों से भरी है। हालत ऐसी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बजीना के पूर्व प्रधान गोपाल सिंह देव ने बताया कि लोनिवि को कई बार सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। मशीन भेजी भी गई, तो सफाई अधूरी छोड़ दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ग्रामीण सुरक्षित तरीके से बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, तो मतदान कैसे बढ़ेगा।
पूर्व प्रधान पुष्पा देवी, देवेंद्र करायत, चंदन सिंह करायत ने कहा कि सड़क जनता के पैसों से बनी है, और आपदा में उसकी मरम्मत भी विभाग की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर चुनाव के बाद भी सड़क की स्थिति नहीं सुधरी, तो वे आंदोलन करेंगे।