फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना स्वीकृति और अनुमति के धारखोला गांव के लिए अवैध रूप से वन भूमि में बना डाली तीन सौ मीटर सड़क

विज्ञापन
विज्ञापन
अल्मोड़ा। लमगड़ा विकासखंड के अंतर्गत चायखान-विशौद मोटर मार्ग से धारखोला गांव के लिए बिना स्वीकृति और अनुमति के जेसीबी लगाकर अवैध रूप से करीब तीन सौ मीटर सड़क बना दी गई है। मार्ग में बाधा बने 21 चीड़ के हरे पेड़ भी काट डाले गए हैं। सूचना मिलने पर राजस्व, पुलिस और उत्तरी गोला वन प्रभाग (नैनीताल) की टीम मौके पर पहुंची और काम रुकवाया। जेसीबी चालक जेसीबी मशीन लेकर मौके से फरार हो गया। तहसीलदार कुलदीप पांडे ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी को भेजी जा रही है।
विज्ञापन

रविवार को कुछ लोगों ने प्रशासन से शिकायत की कि चायखान-विशौद सड़क के धारखोला गांव के लिए अवैध रूप से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। धारखोला का जंगल उत्तरी गोला वन प्रभाग (नैनीताल) के अंतर्गत आता है। जिसमें जेसीबी का प्रयोग कर सड़क बिना स्वीकृति और अनुमति के काट दी गई है।
राजस्व उप निरीक्षक राजेंद्र जोेशी मौके पर पहुंचे, लेकिन जेसीबी चालक मशीन लेकर फरार हो गया। इसके बाद तहसीलदार कुलदीप पांडे, लमगड़ा के थानाध्यक्ष सुधीर सिंह बिष्ट, उत्तरी गोला वन प्रभाग के वन दरोगा कृपाल सिंह आदि भी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण टीम को मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि वह सड़क का निर्माण करवा रहे हैं। तहसीलदार कुलदीप पांडे ने बताया कि इस संबंध में करीब पंद्रह ग्रामीणों ने संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र भी उन्हें सौंपा है।
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। चंदा इकट्ठा कर स्वयं सड़क बना रहे हैं। तहसीलदार ने ग्रामीणों से सड़क निर्माण की अनुमति और स्वीकृति संबंधी कागजात दिखाने को कहा, लेकिन ग्रामीण कोई भी कागजात नहीं दिखा सके। तहसीलदार ने बताया कि अब तक अवैध रूप से जेसीबी चलाकर 300 मीटर लंबी और दो मीटर चौड़ी अवैध सड़क बना ली गई है। इस संबंध में चालानी रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी को सौंप दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें