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उद्योगों का अवशिष्ट छोड़ने से गंदी हो रही हैं नदियां: जल पुरुष राजेंद्र

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डा. शमशेर सिंह बिष्ट की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम में विचार रखते गणमान्य लोग। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जन नायक डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट की पहली पुण्यतिथि पर रविवार को दूसरे सत्र में जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तराखंड लोक वाहिनी (उलोवा)का जल आंदोलन से जुड़ाव रहा है। कहा कि नदियां उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट से दूषित हो ही रही हैं। कहा कि सरकार गंगा की सफाई के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। पद्मश्री शेखर पाठक ने उलोवा द्वारा रचनात्मकता के साथ चलाए गए जन आंदोलन पर चर्चा की। साथ ही बिखरी क्षेत्रीय शक्तियों को एकजुट होकर एक मंच पर आने का आह्वान किया।
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होटल शिखर में चले दूसरे सत्र में वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी और नवीन जोशी ने पहाड़ों से पलायन पर चिंता जताई। वरिष्ठ पत्रकार विजय जुयाल ने दिन प्रतिदिन बंद हो रहे सरकारी स्कूल, चिकित्सक विहीन अस्पताल और पलायन को लेकर सरकारों की नीति पर सवाल उठाए।उत्तराखंड महिला मंच देहरादून की गीता गैरोला ने सभी से एक मंच पर आने का आह्वान किया।
वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. डीएस पोखरिया ने डॉ. बिष्ट पर लिखी कुमाऊंनी कविता का पाठ किया। महिला मंच की उमा भट्ट ने इस तरह के विचार विमर्श को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। देर रात तक चले सत्र में विमर्श को आगे बढ़ाने के लिए एक और बैठक करने पर सहमति बनी। उलोवा अध्यक्ष राजीव लोचन साह ने सभी का आभार जताया। इस दौरान उलोवा उपाध्यक्ष जंग बहादुर थापा, महासचिव पूरन तिवारी, अजय मित्र, जयमित्र बिष्ट, बसंत खनी, राम सिंह, हरीश मेहता, हारिस मो., दयाकृष्ण कांडपाल आदि रहे। संचालन दीवान नगरकोटी और जगत रौतेला ने किया।
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