रिस्कन घाटी से लगे गांवों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों का क्रमिक अनशन जारी है। रिस्कन घाटी संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट ग्रामीणों ने शीघ्र समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आमरण अनशन, चक्काजाम करने की चेतावनी दी है। आंदोलन को आसपास के जुड़े ग्रामीणों का भी भारी समर्थन मिल रहा है।
सुनाड़ी स्थित अनशन स्थल पर आयोजित सभा में ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से ग्रामीण यातायात सुविधा से वंचित हैं, क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं। नई पेयजल योजनाएं नहीं बन रही हैं। कई बार आंदोलन किए गए, लेकिन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के आश्वासन हवाई साबित हुए। इस बार वह हरसंभव संघर्ष करेंगे। यदि अतिशीघ्र मांगें पूरी नहीं होती तो चक्काजाम, आमरण अनशन किया जाएगा। शुक्रवार को गोविंद सिंह मेहरा, चिंता सिंह मेहरा क्रमिक अनशन में बैठे, जबकि धरने में लीला बुधानी, गंगा बुधानी, शांति देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सरस्वती आर्य, भागुली देवी, भगवती देवी, रेवती, लक्ष्मी देवी, महेश चंद्र, सुंदर सिंह, जगत सिंह, प्रकाश राम, गिरीश चंद्र आदि बैठे।