हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी ईको सेंसिटिव जोन में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रिजॉर्टों का निर्माण किया जा रहा है। जानकारी होने पर एसडीएम गोपाल राम बिनवाल ने कार्बेट नेशनल पार्क से सटे मरचूला इलाके में हो रहे दो रिजॉर्टों का निर्माण रुकवा दिया। इस दौरान एक रिजॉर्ट स्वामी के प्रदेश सरकार के स्वामित्व वाली 50 नाली भूमि पर दस सालों से कब्जे का मामला भी उजागर हुआ। एसडीएम ने भूमि पर कब्जा करने वाले रिजॉर्ट स्वामी पर दस लाख का जुर्माना लगाने के साथ ही वन विभाग को तीनों मामले में एक सप्ताह में मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम बिनवाल ने बुधवार को मरचूला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में मरचूला में अवैध तरीके से रिजॉर्ट बनाने का मामला पकड़ में आया है। बताया कि मनीष श्रीवास्तव के रिवरक्रिक नाम से रिजॉर्ट और लीला रावत के एक अन्य रिजॉर्ट का निर्माण किया जा रहा था। उन्होंने निर्माणाधीन दोनों रिजॉर्टों का काम रुकवा दिया। एसडीएम के अनुसार मरचूला में रामगंगा रिजॉर्ट की ओर से गत दस साल से प्रदेश सरकार के स्वामित्व की 50 नाली भूमि पर कब्जा करने का मामला भी उजागर हुआ है।
रिजॉर्ट स्वामी द्वारा प्रदेश सरकार की भूमि में घेराबंदी कर रिजॉर्ट का प्रवेश द्वार, बगीचा और सड़क आदि का निर्माण कराया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने वन विभाग को प्रदेश सरकार के स्वामित्व की भूमि से एक सप्ताह में कब्जा हटाने और दस सालों से भूमि पर कब्जा करने पर दस लाख रुपए जुर्माना वसूलने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने ईको सेंसटिंव जोन में दस किमी दायरे में व्यावसायिक भवनों के निर्माण में रोक लगाई है।