अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएम धन धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर पूसा नई दिल्ली में शुभारंभ समारोह का वीपीकेएएस के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में सीधा प्रसारण किया गया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग मंत्री अजय टम्टा ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) किसानों की प्रगति के लिए सतत प्रयासरत है। समय-समय पर कृषि में नए अनुसंधानों से कृषकों को अवगत कराते हुए उनकी आय वृद्धि का माध्यम रहा है।
विशिष्ट अतिथि नगर निगम के मेयर अजय वर्मा ने कहा कि किसान प्रधानमंत्री के उद्घाटित योजनाओं का लाभ लें। मेहनत से कृषि कर समाज के लिए अच्छी दिशा तय करने में अपना योगदान दें। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के 100 चिन्हित पिछड़े कृषि जिलों में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाना है ताकि वहां के किसानों की उत्पादकता बढ़ाई जा सके और उनकी आय में महत्वपूर्ण वृद्धि हो सके।
यह योजना 12 मंत्रालयों की 36 मौजूदा योजनाओं को एक साथ मिलाकर एक एकीकृत रणनीति के तहत काम करेगी। इसका लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं है बल्कि फसलों के विविधीकरण को बढ़ावा देना, स्थायी कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना और कृषि प्रणालियों को जलवायु-लचीला बनाना है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में अल्मोड़ा और चमोली जिले इस योजना के तहत चयनित किए गए है। उन्होंने बंदर और जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए जिला योजना सामूहिक घेरबाड़ की जानकारी दी।
फसल सुधार विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ ने फसल सघनता और सब्जी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकी की जानकारी दी। संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कामिनी बिष्ट ने किया। वहां डॉ. फसल सुरक्षा विभागाध्यक्ष कृष्ण कांत मिश्रा, सामाजिक विज्ञान अनुभाग प्रभारी डॉ. कुशाग्र जोशी मौजूद रहे।