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संसाधन बढ़ें तो दस साल में भारत बनेगा नंबर वन: राव

Mon, 27 Apr 2015 11:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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विश्व विख्यात वैज्ञानिक भारत रत्न सीएनआर राव ने कहा कि भारत में शिक्षा के क्षेत्र में सिर्फ दो प्रतिशत बजट खर्च किया जा रहा है। इसे दो प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम छह प्रतिशत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर विज्ञान और शिक्षा से जुड़े संस्थानों को उच्च संसाधन युक्त बनाया जाए तो आने वाले दस-पंद्रह सालों में  विज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत दुनिया के देशों में सबसे ऊपर होगा।
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उत्तराखंड सेवा निधि एवं पर्यावरण शिक्षा संस्थान जाखनदेवी में छठा बीडी पांडे स्मृति व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए प्रो. राव ने कहा कि भारत में शिक्षा के साथ ही साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हर साल काफी संख्या में संस्थान खोले जा रहे हैं लेकिन क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालत यह है कि कई आईआईटी संस्थानों में भी शिक्षकों और संसाधनों का भारी अभाव है। प्रो.राव ने कहा कि आज भारत में शिक्षा के क्षेत्र में सिर्फ दो प्रतिशत बजट खर्च किया जा रहा है जबकि कोरिया जैसा देश शिक्षा के क्षेत्र में आठ प्रतिशत बजट खर्च कर रहा है। चीन और अमेरिका तो काफी आगे हैं। जबकि इन देशों में शिक्षा के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर में भी काफी पूंजी निवेश हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में निजी क्षेत्र को भी शिक्षा का बजट बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। कई राज्यों में प्राइवेट इंजीनियरिंग कालेज आदि खोले गए हैं लेकिन उनमें शिक्षा की क्वालिटी अच्छी नहीं है।  सिर्फ बड़े भवन खड़े करके शिक्षा का विकास नहीं हो सकता।
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उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि भारत में युवा वर्ग साइंस और रिसर्च के क्षेत्र में रुचि नहीं ले रहा है। युवाओं में पैसे कमाने वाले अथवा बड़े प्रशासनिक पदों पर आने की होड़ मची है। प्रो. राव ने कहा कि कई युवा वैज्ञानिक संसाधनों और सुविधाओं का रोना रोते हैं लेकिन प्रो. सीवी रमन, प्रो. रामानुजम जैसे तमाम वैज्ञानिकों ने काफी अभावों के बीच कई उल्लेखनीय अनुसंधान किए। प्रो. राव ने कहा कि जब वह साठ के दशक में खुद अमेरिका से पढ़कर लौटे तो सुविधाओं की दृष्टि से यहां स्थितियां काफी खराब थी लेकिन उन्होंने इन स्थितियों में भी हार नहीं मानी और तब से लेकर आज तक अनुसंधान में जुटे हुए हैं। प्रो. राव ने पूर्व राज्यपाल और आईसीएस अधिकारी रहे स्व. बीडी पांडे के कार्यों को भी याद किया।

इससे पहले कुमाऊं विवि के पूर्व कुलपति प्रो.बीके जोशी ने प्रो. राव के जीवन और कार्य परिचय प्रस्तुत किया। उत्तराखंड सेवा निधि पर्यावरण शिक्षा संस्थान के निदेशक डा. ललित पांडे ने सभी का आभार जताया। प्रसिद्ध भू-गर्भ वैज्ञानिक प्रो. केएस वाल्दिया ने प्रो. राव और अन्य वैज्ञानिकों द्वारा उत्तराखंड के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे योगदान के बारे में बताया। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी के साथ ही सभासद अशोक पांडे, हेम तिवारी और मुकेश नेगी ने पालिका परिषद की ओर से अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मृणाल पांडे, माननी चटर्जी, सेल के पूर्व चेयरमैन अरविंद पांडे, रंजन जोशी, अनुराधा पांडे, जीबी पंत पर्यावरण संस्थान के निदेशक डा.पीपी ध्यानी, डा.जेसी भट्ट, थ्रीस कपूर, प्रो. दिवा भट्ट, प्रो. सैयद हामिद, प्रो. शेखर जोशी, कमल जोशी, यूसुफ तिवारी, मदन लाल साह, जंग बहादुर थापा के अलावा विद्यालयों के स्कूली बच्चे और काफी संख्या में अन्य लोग मौजूद थे।
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