गत दिवस छात्रों के दो गुटों में हुई मारपीट के मामले में एक पक्ष से दर्ज एफआईआर में नाम आ जाने के बाद भाजयुमो के जिलाध्यक्ष दर्शन रावत ने पद से इस्तीफा दे दिया है। दूसरी तरफ गुरुवार को एसएसजे परिसर की छात्रा उपाध्यक्ष सृष्टि नेगी और अन्य छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर एबीवीपी नेता राजेंद्र राठौर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
मालूम हो कि बीते दिनों किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई थी। झगड़े के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस झगड़े में एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री राजेंद्र राठौर को चोट आई थी और उनका हल्द्वानी में इलाज चल रहा है। इस मामले में दूसरे पक्ष ने राजेंद्र राठौर और साथियों के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया है जबकि दूसरे पक्ष की ओर से भाजयुमो जिलाध्यक्ष दर्शन रावत आदि के खिलाफ मामला दर्ज है। इस घटना के बाद
भाजयुमो जिलाध्यक्ष दर्शन रावत ने मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया।
उन्होंने इस्तीफे की प्रतिलिपि पत्रकारों को भी दी है। जिसमें कहा गया है कि संगठन में स्वस्थ परंपरा बनाए रखने के मकसद से उन्होंने इस्तीफा दिया है। जब तक वह दोष मुक्त नहीं हो जाते पदमुक्त रहेंगे। इधर एसएसजे परिसर की छात्रा उपाध्यक्ष सृष्टि नेगी और अन्य छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर एबीवीपी नेता राजेंद्र राठौर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि राजेंद्र राठौर ने एक महिला के साथ अभद्रता की और यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो छात्राएं आंदोलन करेंगी। ज्ञापन देने वालों में सृष्टि नेगी के अलावा भावना नदगली, चंद्रा पांडे, सरिता भंडारी आदि शामिल थे।