वन विभाग ने आरक्षित वनों में मिश्रित प्रजाति के वन विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया है। कैंपा योजना के तहत विभिन्न प्रजातियों के 66 सौ पौधों का रोपण होना है।
फिलहाल सौनी, तितालीखेत, पूर्वी चौबटिया, स्यूं और विशुवा क्षेत्र में यह कार्य शुरू किया गया है। वनीकरण से पूर्व हदबंदी होनी है। चारा प्रजाति के वन विकसित कर ग्रामीणों को चारे की समस्या से निजात दिलाने की भी योजना है।
वन विभाग ने वनीकरण के लिए तितालीखेत में कंपाट नंबर 32-33 में 10 हेक्टेयर, पूर्वी चौबटिया कंपाट नंबर एक में चार हेक्टेयर, स्यूं कंपाट नंबर दो में 10 हेक्टेयर, विशुवा कंपाट नंबर छह में छह हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र को चयनित किया है। इनमें बांज, काफल, बुरांश, पदम, भीमल सहित तमाम चारा प्रजाति के पौधों का रोपण होना है। पौधे वन विभाग की सौनी स्थित नर्सरी से उपलब्ध होंगे।
कम पड़ने पर महिला किसान पौधालयों से मदद ली जाएगी। सुरक्षा कार्य के लिए तार की मजबूत हदबंदी की जा रही है। चयनित क्षेत्रों में कार्य शुरू हो गया है। इसके अलावा कई स्थानों पर विभाग ने बांज के पौधों के संरक्षण का कार्य भी शुरू कर दिया है। इन दिनों स्यूं में सुरक्षा दीवार बनाने का काम चल रहा है।