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योग से कोरोना को मात देने के लिए शोध शुरू

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अल्मोड़ा। योगनिलयम (योग एवं वैदिक अध्ययन शोध संस्थान) ने योग के माध्यम से कोरोना को मात देने के लिए शोध शुरू कर दिया है। शोध को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में भी प्रकाशित किया जाएगा।
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योगनिलयम शोध संस्थान के निदेशक डॉ. प्रेम प्रकाश पांडेय ने कहा कि पूरा विश्व इस समय संकट के बहुत बड़े गंभीर दौर से गुजर रहा है। विश्व के बड़े-बड़े प्रभावशाली देशों में कोरोना महामारी का बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेंड्रोस अधानोम का कहना है कि कोरोना वैक्सीन से भी खत्म नहीं होगा।
मात्र संक्रमण की संभावना कम होगी। सामान्य फ्ल्यू की तरह ही इसके मामले भी हर साल सामने आते रहेंगे। ऐसे में योगनिलयम शोध संस्थान के विद्यार्थियों ने महामारी के उपचार के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए ‘यौगिक उपचार एवं वैदिक जीवनचर्या कोविड-19 के संभावित उपचार’ विषय पर शोध शुरू कर दिया है।
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निदेशक ने बताया कि आसन, प्राणायाम, ध्यान आदि के माध्यम से कोरोना का इलाज हो सकेगा। शोध शुरू होने पर एसएसजे विवि के कुलपति प्रो. एनएस भंडारी, परिसर निदेशक प्रो. नीरज तिवारी, प्रो. जगत सिंह बिष्ट, प्रो. प्रवीण बिष्ट, प्रो. बीडीएस नेगी, प्रो. एनडी कांडपाल, प्रो. देवेंद्र बिष्ट, डॉ. नवीन चंद्र भट्ट, डॉ. नंदन बिष्ट, डॉ. बच्चन लाल, प्रो. हरीश जोशी, लियाकत अली खान, डॉ. गिरजा शंकर, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, संयोजक दीपक पांडे आदि ने खुशी जताते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
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