फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के प्रमुख मंदिरों को कल से खोलने को लेकर संशय बरकरार

विज्ञापन
विज्ञापन
अल्मोड़ा। केंद्र सरकार ने सोमवार से मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों को खोलने का फैसला किया है लेकिन इसके लिए गाइडलाइन नहीं आई है। दूसरी तरफ कोरोना के भय से प्रमुख मंदिरों की प्रबंध समितियों के पदाधिकारी और पुजारीगण फिलहाल मंदिरों को आम श्रद्धालुओं के लिए खोलने के पक्ष में नहीं हैं। जागेश्वर के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने पहले ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम को ज्ञापन भेजकर फिलहाल मंदिर को आम जनता के लिए न खोलने का आग्रह किया है और इसकी जगह ऑनलाइन पूजा कराने का सुझाव दिया है। अब चितई मंदिर समिति ने भी मंदिर को आम लोगों के लिए न खोलने की मांग की है।
विज्ञापन

चितई ग्वल देवता मंदिर समिति की बैठक में आठ जून से मंदिर खोलने पर असहमति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु और पुजारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ जून के बाद भी मंदिर के कपाट नहीं खोले जाने चाहिए। मंदिर खोलने पर यहां दर्शनार्थियों की भीड़ होगी। इससे संक्रमण फैलने पर आशंका जताई गई। बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार पंत, उपाध्यक्ष संजय पंत, कोषाध्यक्ष प्रकाश पंत, सचिव किरन कुमार पंत आदि थे।
उधर जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि जागेश्वर धाम के पुजारीगण और स्थानीय लोगों ने मंदिर को आठ जून से न खोलने की मांग करते हुए मंदिर प्रबंधन स
विज्ञापन

मिति और सरकार को ज्ञापन भेजा है। लोग स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए मंदिर को आम लोगों के लिए खोलने के पक्ष में नहीं हैं।
इधर अल्मोड़ा में नंदादेवी मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने बताया कि गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि मंदिर परिसर में सफाई करा दी है। मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान नहीं होंगे ताकि भीड़ जमा न हो। मंदिर में दो-दो लोग ही पूजा के लिए आएं। ऐसा प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें