अल्मोड़ा। शिक्षा समन्वय समिति की रैमजे इंटर कॉलेज में हुई बैठक में तबादला एक्ट की विसंगतियां दूर करने की मांग की गई। वक्ताओं ने पुरानी पेंशन बहाली की भी मांग उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि तबादला एक्ट को निरस्त कर प्रत्येक जिले में सुगम, दुर्गम क्षेत्रों का निर्धारण स्थानीय स्तर पर निर्धारित हो। 40 फीसदी सुगम और 60 फीसदी दुर्गम स्थान निर्धारत हों। स्थानांतरण और पदोन्नति में काउंसलिंग की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे कि पारदर्शिता बनी रहेगी। बेसिक शिक्षकों के एलटी में पदोन्नति और समायोजन के बाद भी उन्हें चयन और प्रोन्नत वेतनमान नहीं मिलने पर रोष व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित अशासकीय स्कूलों की प्रशासनिक योजनाओं को अनुमोदित किया जाए। बैठक में डीए फ्रीज करने और हर माह एक दिन के वेतन में कटौती करने का विरोध किया गया।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति गत तीन साल से नहीं हुई। 2018 में विज्ञप्ति निकालने के बाद भी आज तक सूची जारी नहीं की गई है। समिति ने मांग की कि 15 जुलाई तक पदोन्नति सूची जारी की जाए। आरोप लगाया कि जिला स्तर पर स्थानांतरण एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रत्येक कार्यालय में लंबित प्रकरणों के निस्तराण की समय सीमा निर्धारित हो और जो भी आपत्तियां लगें एक ही समय लगाई जाएं।
बैठक की अध्यक्षता समिति के जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार जोशी ने और संचालन जिला सचिव धीरेंद्र कुमार पाठक ने किया। बैठक में जूहा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय सिंह बिष्ट, प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह भंडारी, समन्वय समिति के उपाध्यक्ष दिगंबर फुलोरिया, तारा सिंह बिष्ट, बसंत पांडे, एमएस राजपूत, अक्षय सिंह, पंकज पांडे, पूरन चंद्र पांडे, वीरेंद्र बिरोड़िया, अमित सिंह, जितेंद्र पुनेठा, जानकी कांडपाल, मनोज कुमार पाठक, सुनील सिंह, विक्रम सिंह आदि ने भाग लिया।