पर्यटक सीजन शुरू हो गया है, लेकिन सरकारी महकमे इसके लिए जरूरी तैयारी नहीं कर सके हैं। पिछले दिनों हुए हिमपात के दौरान चीड़ का पेड़ राज्य अतिथि गृह को जोड़ने वाली सड़क पर गिर गया था। इस पेड़ समेत झूलते तारों के न कसने से वाहनों के आवागमन में कठिनाई हो रही है।
यहां राज्य अतिथि गृह को जोड़ने वाली दो किमी लंबी सड़क पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस सड़क से राज्य अतिथि आदि वीआईपी गुजरते हैं। दो किमी लंबी इस सड़क पर आम पर्यटक भी घूमने जाते हैं। जिस कारण लोनिवि ने हिमपात से गिरे पेड़ के एक हिस्से को काटकर सड़क पर यातायात बहाल किया, लेकिन सड़क की चौड़ाई बहुत कम होने के कारण छोटे वाहनों को निकालने में भी कठिनाई हो रही है। इसी दिशा में महात्मा गांधी द्वारा स्थापित अनाशक्ति आश्रम भी है।
इस आश्रम को जोड़ने वाली सड़क आधा किमी लंबी है। गांधी की विरासत को देखने के लिए बहुत से पर्यटक वहां जाते हैं। हिमपात के कारण वहां बिजली के तार ढीले हो गए, जो इस सड़क के ऊपर झूल रहे हैं। बड़े वाहनों की छतों को छू सकते हैं। अब पर्यटक सीजन करीब है, लेकिन लोनिवि, पावर कारपोरेशन ने इन बाधाओं को दूर नहीं किया है। जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।