वीर नारी को सम्मानित करते सेना के अधिकारी
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1965 के भारत-पाक यु़द्ध की स्वर्ण जयंती नौ कुमाऊं रेजीमेंट ने महाराजके दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। 1965 में आज ही के दिन नौ कुमाऊं के वीर जवानों ने अपनी वीरता, शौर्य और पराक्रम से पूर्वी पाकिस्तान स्थित महाराजके क्षेत्र को दुश्मन से मुक्त करवाया और वहां तिरंगा फहराया था। तब से बटालियन नौ सितंबर को महाराजके दिवस के रूप में मनाती है।
कैंट स्थित नौ कुमाऊं बटालियन में महाराजके दिवस की स्वर्णिम जयंती पर वीरों के पराक्रम और विजयगाथा को याद किया गया। सभी सैनिकों और सेना के अधिकारियों ने 1965 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। तत्पश्चात वीर नारियों, 1965 और 1971 के युद्ध में हिस्सा लेने वाले वीर सैनिकों को सम्मानित किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि 1965 के युद्ध में हिस्सा लेने वाले बटालियन के पूर्व कमान अधिकारी कर्नल वीके बोगरा समेत विभिन्न रैंकों के अधिकारियों और जवानों ने हिस्सा लिया। समारोह के पश्चात आर्मी ग्राउंड में बड़ेखाने का आयोजन किया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। शाम को सरदार क्लब में विजय संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम भी हुए।
समारोह में ले. जनरल राजेंद्र सिंह, मेजर जनरल आरके खन्ना, मेजर जनरल सुरेंद्र शाह वीर चक्र विशिष्ठ सेवा मैडल, मेजर जनरल यूके बापट, विशिष्ट सेवा मेडल, मेजर जरनल रणवीर सिंह यादव, विशिष्ठ सेवा मेडल, मेजर जनरल नवनीत कुमार सेना मैडल, ब्रिगेडियर आरएम पैन्योली, विशिष्ट सेवा मेडल, ब्रिगेडियर आरपी कलिता, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, ब्रिगेडियर जसवीर सिंह आदि उपस्थित थे। दूरदराज से आए बटालियन के पूर्व सैनिकों ने भी समारोह में भागीदारी की।