रानीखेत (रानीखेत)। नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में दीपावली का पर्व बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। घरों, मंदिरों और बाजारों में दीपों की जगमगाहट देर रात तक बनी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने आतिशबाजी का भरपूर लुत्फ उठाया। दीपावली की रात नगर में उत्सव का आलम देखने को मिला।
बुधवार की सुबह गोवर्धन पूजा के साथ पर्व का समापन हुआ। पशुपालकों ने सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार विधि पूर्वक गाय की पूजा-अर्चना की। लोगों ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने जब इंद्र का घमंड चूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाया, तब से यह पर्व श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बन गया। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरण किया और एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
नगर में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा। महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में नजर आएं, वहीं बाजारों में मिठाइयों की खरीदारी और दीपदान का क्रम लगातार जारी रहा। संवाद