प्रादेशिक सेना की भर्ती के लिए यहां पहुंचे युवकों ने पूरी तरह से नगर में अव्यवस्था फैला दी है। पुलिस और प्रशासन इस अव्यवस्था को रोकने में अभी तक सफल नहीं हो पा रही है। 15 हजार से अधिक युवा नगर में पहुंचे हैं। युवक धड़ल्ले से लोगों के बगीचों में घुसकर फल तोड़ दे रहे हैं। नगर में जगह-जगह गंदगी कर दी गई है। छावनी परिषद सभासदों और व्यापार मंडल ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। मिशन इंटर कालेज और अस्पताल में की गई तोड़फोड़ की भी निंदा की गई है।
मालूम हो कि चार दिवसीय टेरीटोरियल की भर्ती रैली के लिए नगर में लगभग 15 हजार युवक पहुंचे हैं। प्रशासन ने हालांकि इन युवकों के ठहरने के लिए कुछ विद्यालयों में व्यवस्था की है, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही है। युवाओं ने नगर में उत्पात मचाकर रख दिया है। वाहनों को जबरन रोककर खिड़कियों से अंदर घुस जा रहे हैं। छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने कहा कि बड़ी भर्ती के लिए प्रशासन को पहले ही व्यवस्था करनी चाहिए थी। मिशन स्कूल और अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी गई है।
इससे नगर में सार्वजनिक और व्यक्तिगत संपत्तियों पर खतरा मंडरा रहा है। पुलिस फोर्स वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त हैं। पीएसी की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। युवक रात्रि में खुले में सो रहे हैं। रातभर शोरगुल से लोगों का जीना दूभर हो गया है। व्यापार मंडल प्रदेश सचिव मनोज अग्रवाल, नगर अध्यक्ष भगवंत नेगी, महासचिव हर्ष पंत, उपसचिव मनोज पंत सहित तमाम पदाधिकारियों ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे पुलिस और प्रशासन की बड़ी चूक बताया है।