डीएम को ज्ञापन देते उपपा के पदाधिकारी।
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महाकाली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध को लेकर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है। जिलाधिकारी के माध्यम से भारत सरकार के जल संसाधन मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पार्टी ने पंचेश्वर बांध की जन सुनवाई के लिए घोषित तिथियों को स्थगित कर प्रभावित ग्राम सभाओं में बांध से संबंधित पर्यावरण प्रभाव प्रबंध योजना एवं सामाजिक आंकलन के लिए सभी जानकारियां स्थानीय भाषा में जनता को उपलब्ध कराने की मांग की है।
केंद्र और राज्य सरकार को भेजे ज्ञापन में पार्टी का कहना है कि भारत और नेपाल की सरकारों की आपसी समझौते के तहत महाकाली में पंचेश्वर बांध बनने से उत्तराखंड के 134 गांव प्रभावित होंगे। उत्तराखंड में टिहरी जैसे बड़े बांध का निर्माण हुआ है जिसके कारण आज उत्तराखंड का एक बड़ा हिस्सा तबाही की जद में है। यही नहीं आज भी वहां के विस्थापितों का सही तरीके से पुनर्वास नहीं हुआ है और न उस बांध से अपेक्षित बिजली पैदा हो रही है। ऐसे में उत्तराखंड में पंचेश्वर जैसे 315 मीटर ऊंचे बांध का निर्माण करना हर दृष्टि से अनुचित है।
ज्ञापन में कहा गया कि ऐसे समय में जब दुनिया में बड़े बांधों को नष्ट किया जा रहा है तब हिमालय जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में बांध के निर्माण से भारी उथल-पुथल होगी जो भविष्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने पंचेश्वर बांध के निर्माण पर पुनर्विचार करने, विद्युत उत्पादन के लिए वैकल्पिक तरीकों पर जोर देने आदि की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, गोपाल राम, जीवन चंद्र, आनंदी वर्मा, अनूप तिवारी, ललित चौधरी, संजय तिवारी, रेखा धस्माना, मनोरमा देवी, भावना जोशी, नारायण सिंह रावत, देवेंद्र भट्ट आदि शामिल थे।