अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) ने देश के किसानों तक उन्नत बीजों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के लिए बेहद मुफीद वीएल सब्जी मटर-13 प्रजाति के वृहद स्तर पर बीज उत्पादन और विपणन (विक्रय) के लिए उत्तर प्रदेश के जालौन स्थित बुंदेलखंड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक लिखित समझौता किया है।
बढ़ती मांग को देखते हुए इस खास प्रजाति के लाइसेंस के लिए आगे आने वाली यह देश की चौथी बड़ी फर्म है। संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुसार वीएल सब्जी मटर-13 उत्तराखंड राज्य में खेती के लिए एक अधिसूचित और जल्दी पकने वाली सर्वोत्तम किस्म है। इसके साथ ही मैदानी क्षेत्रों के वातावरण में भी इसके उत्पादन के परिणाम बेहद शानदार पाए गए हैं। संस्थान की अनुसंधान समिति की बैठक के दौरान वीपीकेएएस के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत, खरपतवार अनुसंधान निदेशालय जबलपुर के पूर्व निदेशक डॉ. एआर शर्मा, इकार्डा मोरक्को के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरपीए एस वर्मा और आईटीएमयू के अध्यक्ष डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ ने संयुक्त रूप से बुंदेलखंड सीड्स के प्रबंध निदेशक अजय पाल सिंह को इस समझौते का आधिकारिक प्रमाणपत्र सौंपा।
वीपीकेएएस के निदेशक ने बताया कि इस व्यावसायिक समझौते के फलस्वरूप अब बुंदेलखंड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रजाति का बड़े पैमाने पर बीज उत्पादन किया जाएगा। इससे आने वाले समय में देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के आम कृषकों को भी वीएल सब्जी मटर-13 का प्रामाणिक और उच्च गुणवत्ता वाला बीज बेहद आसानी से और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो सकेगा जिससे मटर उत्पादकों की उत्पादकता में भारी सुधार आएगा।